रोक ले जो हौसले मेरे, मेरी कोशिशें इतनी कम नहीं है, छोड़ दूं अपनी मंज़िल डर से तेरे, ए हवा तुझमें अभी इतना दम नहीं है, टकरा ले मुझसे गर हिम्मत है तो, मैं औरों सा नहीं, किसी से कम नहीं...
रोक ले जो हौसले मेरे, मेरी कोशिशें इतनी कम नहीं है, छोड़ दूं अपनी मंज़िल डर से तेरे, ए हवा तुझमें अभी इतना दम नहीं है, टकरा ले मुझसे गर हिम्मत है तो, मैं औरों सा नहीं, किसी से कम नहीं...
दोस्ती
प्यार का मीठा दरिया है
पुकारता है हमें
आओ, मुझमें नहाओ
डूबकी लगाओ
प्यार का सौंधा पानी
हाथों में भर कर ले जाओ
आओ
जी भर कर गोता लगाओ
मौज-मस्ती की शंख-सीपियाँ
जेबों में भर कर ले जाओ
दोस्ती का दरिया
गहरा है, फैला है
इसमें नहीं तैरती
धोखे की छोटी नौका
कोशिश की तो
बचने का नहीं मिलेगा मौका
