इस ग़म के सवेरे में अजीब सा साया है,
दरवाज़े पर मेरे इक फकीर आया है,
उसे भूख है, मुझे अंधेरों ने खाया है,
जो था सब उसे नज़र कैसे ना करता,
वो मेरे लिए मुट्ठी भर रौशनी लाया है…🍂
Enjoy Every Movement of life!
इस ग़म के सवेरे में अजीब सा साया है,
दरवाज़े पर मेरे इक फकीर आया है,
उसे भूख है, मुझे अंधेरों ने खाया है,
जो था सब उसे नज़र कैसे ना करता,
वो मेरे लिए मुट्ठी भर रौशनी लाया है…🍂
De lalach mithde haseyan da
Menu rataan nu swaunde ne..!!
Tere sufne ban-than ke sajjna
Har roz milan menu aunde ne..!!
ਦੇ ਲਾਲਚ ਮਿੱਠੜੇ ਹਾਸਿਆਂ ਦਾ
ਮੈਨੂੰ ਰਾਤਾਂ ਨੂੰ ਸਵਾਉਂਦੇ ਨੇ..!!
ਤੇਰੇ ਸੁਫ਼ਨੇ ਬਣ-ਠਣ ਕੇ ਸੱਜਣਾ
ਹਰ ਰੋਜ਼ ਮਿਲਣ ਮੈਨੂੰ ਆਉਂਦੇ ਨੇ..!!
Tu badleya
jag badaleya
asi na badle
baki sabh badal gya
ਤੂੰ ਬਦਲਿਆ,
ਜਗ ਬਦਲਿਆ,
ਅਸੀ ਨਾ ਬਦਲੇ,
ਬਾਕੀ ਸਭ ਬਦਲ ਗਿਆ ☺️