हाल न पूछो हमारा..
बस मेरे लिखे खत को महसूस करो
दर्द भी तड़पती है कागज़ पर
मुझे कोई इस आग से महफूज करो
हाल न पूछो हमारा..
बस मेरे लिखे खत को महसूस करो
दर्द भी तड़पती है कागज़ पर
मुझे कोई इस आग से महफूज करो
Alag na samjh menu khud ton
Jithe mein howan
Beshakk othe tu vi mojud hunda e..!!
ਅਲੱਗ ਨਾ ਸਮਝ ਮੈਨੂੰ ਖੁਦ ਤੋਂ
ਜਿੱਥੇ ਮੈਂ ਹੋਵਾਂ
ਬੇਸ਼ੱਕ ਉੱਥੇ ਤੂੰ ਵੀ ਮੌਜੂਦ ਹੁੰਦਾ ਏਂ..!!
जाने कहाँ बैठकर देखती होगी, वो आज जहां भी रहती है..
नाराज़ है वो किसी बात को लेकर, सपनों में आकर कहती है..
मैं याद नहीं करता अब उसको, चुप-चाप देखकर सहती है..
वो चली गई भले दुनिया से, मेरे ज़हन में अब भी रहती है..
उसे चाहता हूँ पहले की तरह, ये तो वो आज भी कहती है..
किसी और संग मुझे देख-ले गर जो, वो आज भी लड़ती रहती है..
ना वो भूली ना मैं भुला, भले भूल गई दुनिया कहती है..
रहती थी पहले भी पास मेरे, मेरे साथ आज भी रहती है..