हाल न पूछो हमारा..
बस मेरे लिखे खत को महसूस करो
दर्द भी तड़पती है कागज़ पर
मुझे कोई इस आग से महफूज करो
Enjoy Every Movement of life!
हाल न पूछो हमारा..
बस मेरे लिखे खत को महसूस करो
दर्द भी तड़पती है कागज़ पर
मुझे कोई इस आग से महफूज करो
माना गलती तुम्हारी नहीं मेरी थी
पर वो प्यार से बुलाने की आदत तो तेरी थी
हम तो प्यार करना भी नहीं चाहते
पर हमारे आग को जलाने के लिए चिंगारी भी तेरी थी…
