हाल न पूछो हमारा..
बस मेरे लिखे खत को महसूस करो
दर्द भी तड़पती है कागज़ पर
मुझे कोई इस आग से महफूज करो
Enjoy Every Movement of life!
हाल न पूछो हमारा..
बस मेरे लिखे खत को महसूस करो
दर्द भी तड़पती है कागज़ पर
मुझे कोई इस आग से महफूज करो
Matlabi zamana hai nafarton ka shehar hai
ye duniya dikhti shehad hai or pilati zehar hai💯
मतलबी ज़माना है नफरतों का शहर है
ये दुनिया दिखती शहद है और पिलाती ज़हर है💯
