हाल न पूछो हमारा..
बस मेरे लिखे खत को महसूस करो
दर्द भी तड़पती है कागज़ पर
मुझे कोई इस आग से महफूज करो
हाल न पूछो हमारा..
बस मेरे लिखे खत को महसूस करो
दर्द भी तड़पती है कागज़ पर
मुझे कोई इस आग से महफूज करो
मायूसी से भरी सुबह्य
बैचैनी मैं शाम होगी
मुस्कुराना छोड़ कर इक गुम सूम सी जान होगी
आगे बढ़ने के चक्कर मैं कितना सारा छोड़ आए हम
अब तन्हा अच्छा लगता है लगता है बड़े हो गए हम।💯
Bedard jeha kyu banda e ☹️
Evein dukhan 😒ch zind na pa sajjna🙏..!!
Deewane 😇tere da haal e ki🤷
Kade taan puch ke ja sajjna💔..!!
ਬੇਦਰਦ ਜਿਹਾ ਕਿਉਂ ਬਣਦਾ ਏਂ ☹️
ਐਵੇਂ ਦੁੱਖਾਂ 😒 ‘ਚ ਜ਼ਿੰਦ ਨਾ ਪਾ ਸੱਜਣਾ🙏..!!
ਦੀਵਾਨੇ 😇ਤੇਰੇ ਦਾ ਹਾਲ ਏ ਕੀ🤷
ਕਦੇ ਤਾਂ ਪੁੱਛ ਕੇ ਜਾ ਸੱਜਣਾ💔..!!