धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता
Enjoy Every Movement of life!
धड़कनों की सिफारिश पर हम चाय पर गए
वरना वो गुलाबी शाम हमसे कजा न होता
अब सामने ही बैठा है महबूब तो क्या बात करे हम
निगाहे बात कर लेता तो वो खफा न होता
एक पत्नी के सुविचार:
काश तुम अदरक होते…
कसम से, जी भर के कूटती।
Saadhiyaan buraayiaan da shor har jagah hai
tu das tere sunan ch ki aayea
ਸਾਡੀਆਂ ਬੁਰਾਈਆਂ ਦਾ ਸ਼ੋਰ ਹਰ ਜਗਾ ਹੈ
ਤੂੰ ਦੱਸ ਤੇਰੇ ਸੁਣਨ ਚ ਕੀ ਆਇਆ !..