इश्क़ मुकम्मल नहीं हुआ तो क्या हुआ
अधूरी ख़्वाहिशें मेरे दिल में ज़िंदा तो हैं
क्या हुआ जो आधा अधूरा मैं रह गया
उससे मेरी शायरी और गज़लें पूरी तो हैं
Enjoy Every Movement of life!
इश्क़ मुकम्मल नहीं हुआ तो क्या हुआ
अधूरी ख़्वाहिशें मेरे दिल में ज़िंदा तो हैं
क्या हुआ जो आधा अधूरा मैं रह गया
उससे मेरी शायरी और गज़लें पूरी तो हैं
asin dil vartde rahe
tu dimag vartda reha
ਅਸੀਂ ਦਿਲ ਵਰਤਦੇ ਰਹੇ
ਤੂੰ ਦਿਮਾਗ ਵਰਤਦਾ ਰਿਹਾ
कहकर हमारा , उसने मेरा और तुम्हारा कर लिया,
उसी ने सिखाई मोहब्बत और उसी ने ही किनारा कर लिया।