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Andar hi andar mar reha hu || sad shayari

खवाबों का एक दरिया लिए फिर रहा हु

पूरे होंगे एक डिब सब , एसी का इंतज़ार कर रहा हु ,

दिल्ल उदास चहरे पर हसी बरकरार है

जी हाँ , मैं अंदर ही अंदर मर रहा हूँ ।

देख दुनियाँ की तमाम शजीशे

यकीनन जो कर रहा हु सही कर रहा हूँ ।

Title: Andar hi andar mar reha hu || sad shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Hindi poetry || desh poetry कविता – शहादत के बोल

माथे पे तिलक लगाकर कूद पड़े थे अंग़ारो पे,
माटी की लाज के लिए उनके शीश थे तलवारों पे।
भगत सिंह की दहाड़ के मतवाले वो निर्भर नहीं थे किन्ही हथियारों पे,
अरे जब देशहित की बात आए तो कभी शक ना करो सरदारों पे॥
आज़ादी की थी ऐसी लालसा की चट्टानों से भी टकरा गये,
चंद आज़ादी के रणबाँकुरो के आगे लाखों अंग्रेज मुँह की खा गये।
विद्रोह की हुंकार से गोरों पे मानो मौत के बादल छा गये,
अरे ये वही भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव है जिनकी बदौलत हम आज़ादी पा गये॥
आज़ादी मिली पर इंक़लाब की आग में अपने सब सुख-दुःख वो भूल गये,
जननी से बड़ी माँ धरती जिसकी ख़ातिर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु झूल गये॥
अब राह तक रही उस माँ को कौन जाके समझाएगा,
कैसे बोलेगा उसको की माँ अब तेरा लाल कभी नहीं आएगा।
बस इतना कहूँगा कि धन्य हो जाएगा वो आँचल जो भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु सा बेटा पाएगा,
क्योंकि इस माटी का हर कण और बच्चा-बच्चा उसे अपने दिल में बसाएगा॥

Title: Hindi poetry || desh poetry कविता – शहादत के बोल


Ohde lyi || love punjabi shayari || sacha pyar

Os tu dur ho k asaas hoya c 
Eh dil jeha ode lye tadfan lagg geya c 
Menu ptta na laggya eh dil
Kad ode lye dhadkan lagg geya c❤

ਉਸ ਤੋ ਦੂਰ ਹੋ ਕੇ ਅਹਿਸਾਸ ਹੋਇਆ ਸੀ
ਇਹ ਦਿਲ ਜਿਹਾ ਓਦੇ ਲਈ ਤੜਫਣ ਲੱਗ ਗਿਆ ਸੀ
ਮੈਨੂੰ ਪਤਾ ਨਾ ਲੱਗਿਆ ਇਹ ਦਿਲ
ਕੱਦ ਓਦੇ ਲਈ ਧੜਕਣ ਲੱਗ ਗਿਆ ਸੀ❤

Title: Ohde lyi || love punjabi shayari || sacha pyar