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धरती सारी

दरवाज़ा किसी के जीवन में

ख़ुद को समझ लें

उस ग़ुरूर से बचाना ईश्वर

कि बंद करने को

कुछ रहे पास

दीवार ही सही

कमर टिकाई हो जिस पर

कभी किसी कमज़ोर पल

उस पर थूक सकने की

जहालत से भी बचाना

पर वह साहस ज़रूर देना

जो मुँह से बाहर निकलते दिल को पकड़ सके

सँभाल सके और कह सके

कि जो पाया उसे लौटाने से ज़्यादा ज़रूरी है

उस भूमिका को सँभालना जो हम निभाते हैं

अपने या किसी और के जीवन में

माफ़ कर सकें उनसे ज़्यादा खुद को

याद रख सकें बस इतना

कि विश्व के सबसे अलोकप्रिय लोगों ने बख़्शी जान हमें

उन्हें सबने नज़रंदाज़ किया

उनके पैरों में सारे आँसू वार दें

उनकी हथेली में बिखेर सकें सारी हँसी

जब कह देना ही सब कुछ हो

चुप रह सकें उस वक़्त

कड़वी बात को यूँ ज़ब्त कर लें

नाख़ूनों में भर लें

खुरचकर धरती सारी।

Title: धरती सारी

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Me dard ki inthaa par hu || Naraazgii

मैं दर्द की इंतहा पर हूं

मैं एक शख्स का बुलाया हुआ हूं

लोग मुझको गमगीन समझते हैं

मैं एक शख्स का सताया हुआ हूं

नहीं है मुझ पर कोई कर्जा

मैं हर रिश्ते को निभाया हुआ हूं

मैं लोगों से नहीं मिलता अक्सर

मैं एक राज को छुपाया हुआ हूं

मिस्बाह परवाह नहीं है रोशनी की

मैं एक शमा जला या हुआ हूं

main dard kee intaha par hoon

main ek shakhs ka bulaaya hua hoon

log mujhako gamageen samajhate hain

main ek shakhs ka sataaya hua hoon

nahin hai mujh par koee karja

main har rishte ko nibhaaya hua hoon

main logon se nahin milata aksar

main ek raaj ko chhupaaya hua hoon

misbah parvaah nahin hai roshanee kee

main ek shama jalaaya hua hoon

Title: Me dard ki inthaa par hu || Naraazgii


Kuch Log Sudhar Nahi Sakte

कुछ लोग सुधर नहीं सकते हैं
हर किसी के बारे में बुरा ही बकते है
इन्हे किसी दूसरे की तारीफ करना आता नहीं हैं
इन्हे अपने खून के अलावा(सग्गे रिश्ते ) और कोई भाता नहीं हैं
यह लोग खुदको भगवान समझते हैं
भगवन खुद इन्हे शैतान समझते हैं
यह लोग इनके सग्गे रिश्तों में भी आग लगा देते हैं
अच्छे खासे परिवार में दाग लगा देते हैं
इनकी सोच ज़मीन में और सिर आसमान में रहता हैं
इन्हे कदर घर के बेटे की नहीं बल्कि उसकी है जो विदेश में बैठा हैं
यह लोग किसी दुसरे को आगे बढ़ता देख नहीं पाएंगे
अगर कोई आगे बढ़ गया तो यह चैन से बैठ नहीं पाएंगे
दुसरो को बुरा खुदको अच्छा दिखाना ही इन्हे सिर्फ आता हैं
इन्हे अपने खून के अलावा और कोई नहीं भाता हैं
इनमे कोई कमी नहीं ऐसा इनको लगता है
गिने चुने लोगो के अलावा इन्हे हर कोई खटकता है
किसी के लिए कुछ अच्छा ये कर नहीं सकते हैं
इन्हे जो पसंद है उसे सिर पर चढ़ा सकते हैं
लेकिन इनके पैर दबाने वालो को यह पैर तक ही रखते हैं
कुछ लोग कभी सुधर नहीं सकते हैं ।

Title: Kuch Log Sudhar Nahi Sakte