इंतज़ार की आरज़ू अब खो गयी है,
खामोशियो की आदत हो गयी है,
न शिकवा रहा न शिकायत किसी से,
अगर है तो एक मोहब्बत,
जो इन तन्हाइयों से हो गई है।❤️
Enjoy Every Movement of life!
इंतज़ार की आरज़ू अब खो गयी है,
खामोशियो की आदत हो गयी है,
न शिकवा रहा न शिकायत किसी से,
अगर है तो एक मोहब्बत,
जो इन तन्हाइयों से हो गई है।❤️
ढूंढते हैं तस्वीरें तेरी, तेरी तस्वीर देखकर,
इश्क का वो पल फिर, दोबारा मिला नहीं,
मेरे ज़ख्मों में जो लगा था, मरहम तेरे होंठों का,
तेरे ही दिए ज़ख्मों को, वो मरहम मिला नहीं,
दर बदर ढूंढा खुदको, इक वजूद की तलाश में,
वो मरहम तो मिला नहीं, वो महरम भी मिला नहीं...
