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इंतज़ार की आरज़ू || tanhaiyo se mohobbat || hindi shayari intezaar

Intezaar ki aarzu abh kho gai hai
khamoshiyo ki aadat ho gai hai
na shikwa raha na shikayat kisi se
agar hai to ek mohobat
jo in tanhaaiyo se ho gai hai

इंतज़ार की आरज़ू अब खो गयी है,
खामोशियो की आदत हो गयी है,
न शिकवा रहा न शिकायत किसी से,
अगर है तो एक मोहब्बत,
जो इन तन्हाइयों से हो गई है। 💘

Title: इंतज़ार की आरज़ू || tanhaiyo se mohobbat || hindi shayari intezaar

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Aadat gam chupane ki || sad but true hindi shayari

Ek baat hai jo kabse humein, samajh nhi aa rhi..
Aadat gam chupane ki humse, badli nhi ja rhi..
Dekha hai logo ko bant te huye, gam dusro ke sath..
Kaash baant le mera bhi koi, ab aur chupane ki, jagah na rahi…💔

एक बात है जो कबसे हमें, समझ नहीं आ रही..
आदत गम छुपाने की हमसे, बदली नहीं जा रही..
देखा है लोगों को बांटते हुए, गम दूसरों के साथ..
काश बांट ले मेरा भी कोई, अब और छुपाने की, जगह ना रही…💔

Title: Aadat gam chupane ki || sad but true hindi shayari


Jungle human poetry || वन्य जीव और संरक्षण

वन्य जीवों का पता लगाओ ,
सब मिलकर राष्ट्रीय “पशु ” बाघ बचाओ ।
जंगलो को कटने से बचायें ,
जंगल जा -जाकर बाघों का पता लगायें ।
अब पूरे भारत में चौदह सौ ग्यारह बाघ बचे हैं ,
उनमें से आधे तो अभी बच्चे हैं ।
उन्हें बचाने के खातिर जंगल न काटें ,
जगह -जगह पेड़ लगाने के लिए लोगों को बाटें ।
राष्ट्रीय पशु “बाघ” हम सब को बचना है ,
जंगलों को हरा-भरा और बनाना है ।                        रहता वन में और हमारे,
संग-साथ भी रहता है ।
यह गजराज तस्करों के,
ज़ालिम-ज़ुल्मों को सहता है ।।

समझदार है, सीधा भी है,
काम हमारे आता है ।
सरकस के कोड़े खाकर,
नूतन करतब दिखलाता है ।।

मूक प्राणियों पर हमको तो,
तरस बहुत ही आता है ।
इनकी देख दुर्दशा अपना,
सीना फटता जाता है ।।

वन्य जीव जितने भी हैं,
सबका अस्तित्व बचाना है,
जंगल के जीवों के ऊपर,
दया हमें दिखलाना है ।

वृक्ष अमूल्य धरोहर हैं,
इनकी रक्षा करना होगा ।
जीवन जीने की खातिर,
वन को जीवित रखना होगा ।।

तनिक-क्षणिक लालच को,
अपने मन से दूर भगाना है ।
धरती का सौन्दर्य धरा पर,
हमको वापिस लाना है ।।

Title: Jungle human poetry || वन्य जीव और संरक्षण