उस चांद को बहुत गुरूर है,
कि उसके पास नूर है।
अब मैं उसे कैसे समझाऊं,
मेरे पास कोहिनूर है।
Enjoy Every Movement of life!
उस चांद को बहुत गुरूर है,
कि उसके पास नूर है।
अब मैं उसे कैसे समझाऊं,
मेरे पास कोहिनूर है।
मुर्शिद आज चराग़-ए-ग़म जलाऊँगा मैं
आज रात भर रात का दिल दुखाऊँगा मैं
आज किताब-ए-मुहब्बत के साथ साथ
तेरी निशानियों को भी आग लगाऊँगा मैं
ऐ सितमगर एहतियात-ए-हिजाब करना
अब फ़क़त तुझपे ही क़लम उठाऊँगा मैं
Teri judaai vi manzoor e
Ruswaai vi manzoor e
Nahi rakhde wafa di umeed tethon
Bewafai vi manzoor e..!!
ਤੇਰੀ ਜੁਦਾਈ ਵੀ ਮਨਜ਼ੂਰ ਏ ਸਾਨੂੰ
ਰੁਸਵਾਈ ਵੀ ਮਨਜ਼ੂਰ ਏ
ਨਹੀਂ ਰੱਖਦੇ ਵਫ਼ਾ ਦੀ ਉਮੀਦ ਤੈਥੋਂ
ਬੇਵਫਾਈ ਵੀ ਮਨਜ਼ੂਰ ਏ..!!