मोहब्बत की ये इप्तिदा चाहता है,
मेरा इश्क तुझसे वफ़ा चाहता है,
ये आँखों के दरिया नशीले-नशीले,
इन आँखों में दिल डूबना चाहता है।
मोहब्बत की ये इप्तिदा चाहता है,
मेरा इश्क तुझसे वफ़ा चाहता है,
ये आँखों के दरिया नशीले-नशीले,
इन आँखों में दिल डूबना चाहता है।
Jinhe hum kabil-e-aitbaar samjhte the
Vo hi daga kar gaye
Hairani to is baat ki hai ke jinhe hum zindagi mein bhi shamil nahi karte the
Vo kambakhat unhi se wafa kar gaye💔
जिन्हे हम काबिल-ए-एतबार समझते थे
वो ही दगा कर गए
हैरानी तो इस बात की है कि जिन्हें हम ज़िन्दगी में भी शामिल नहीं करते थे,
वो कमबख्त उन्हीं से वफ़ा कर गए💔
Oh jande jande
naal bitaye pal saare bhul gaye
mere hauke v thamna bhul gaye
ਉਹ ਜਾਂਦੇ ਜਾਂਦੇ
ਨਾਲ ਬਿਤਾਏ ਪਲ ਸਾਰੇ ਭੁੱਲ ਗਏ
ਮੇਰੇ ਹੌਕੇ ਵੀ ਥਮਣਾ ਭੁੱਲ ਗਏ