इंतजार है,
तेरे प्यार का,
ये करार है,
ऐतबार का,
मिल के तुझसे,
ये सवाल है,
तुझे भी क्या मेरा खयाल है……❤️
इंतजार है,
तेरे प्यार का,
ये करार है,
ऐतबार का,
मिल के तुझसे,
ये सवाल है,
तुझे भी क्या मेरा खयाल है……❤️
तहजीब, लहज़ा, अदब,
अब तो सब किताबी नज़्म है,
बाज़ार में उतर देखना ग़ालिब,
ईमान की भी कीमत लगने लगी है...
राहे कितनी अंजान सी, मेरी खामोशी मेरी जुबान सी
वो लड़की वो नादान सी, वो हर पल मेरी जान सी I
इन आंखों में कभी अश्क सी, कभी लबो पे मुस्कान सी
सिमट जाए जो वो तो तिनका भर ये जहान, खुल के झूम तो आसमान सी
वो आंखों में एक नमी सी, वो जीवन में एक कमी सीधड़कने दफन उसके बिना इस दिल में और सांसे थमी- थमी सी
रखे ख्वाहिश भी क्या एक उसे पाने के सिवा मेरे जीवन में वो मुकाम सी I
वो लड़की वो नादान सी, वो हर पल मेरी जान सी I