नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️
Enjoy Every Movement of life!
नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️

Zehan mein to hai
Vo kisi sazish mein to hai.
Aankhein nam dekh kar man nahi bhara unka
Koi mujhe toot te hue dekhne ki khwahish mein to hai…🙃
जहन में तो हैं ,
वो किसी साज़िश में तो हैं ,
आंखे नम देख कर मन नहीं भरा उनका ,
कोई मुझे टूटते हुए देखने की ख्वाहिश में तो हैं …🙃