महसूस हुई जरूरत उनकी अपनी बाहों में,
याद आये वो पुराने दिन फिर रातों में।।
महसूस हुई जरूरत उनकी अपनी बाहों में,
याद आये वो पुराने दिन फिर रातों में।।
Kla kla kar na bandeya nal tere parchai e shukar malak da kar har vehle ke zindagi eh tu payi e
ਕੱਲਾ ਕੱਲਾ ਕਰ ਨਾ ਬੰਦਿਆ ਨਾਲ ਤੇਰੇ ਪਰਛਾਈ ਏ ਸ਼ੁਕਰ ਮਾਲਕ ਦਾ ਕਰ ਹੈ ਵਿਹਲੇ ਕੇ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਇਹ ਤੂੰ ਪਾਈ ਏ 🙏💯
कभी थकन के असर का पता नहीं चलता
वो साथ हो तो सफ़र का पता नहीं चलता
वही हुआ कि मैं आँखों में उसकी डूब गया
वो कह रहा था भँवर का पता नहीं चलता
उलझ के रह गया सैलाब कुर्रए-दिल से
नहीं तो दीदा-ए-तर का पता नहीं चलता
उसे भी खिड़कियाँ खोले ज़माना बीत गया
मुझे भी शामो-सहर का पता नहीं चलता
ये मंसबो का इलाक़ा है इसलिए शायद
किसी के नाम से घर का पता नहीं चलता