Aadat badal gayi hai waqt katne ki
Ab himmat nahi hoti kisiko dard batne ki…❣️
आदत बदल गयी है वक्त बाटने की,
अब हिम्मत नही होती किसीको दर्द बाटने की…❣️
Enjoy Every Movement of life!
Aadat badal gayi hai waqt katne ki
Ab himmat nahi hoti kisiko dard batne ki…❣️
आदत बदल गयी है वक्त बाटने की,
अब हिम्मत नही होती किसीको दर्द बाटने की…❣️
माना तुम्हे हर बार देखता हूं,
हर बार पहली बार देखता हूं,
देखता हूं तुम्हे जब जुल्फें संवरती हो तुम,
उन जुल्फों को आइना बनके हर बार देखता हूं,
आंखो में रातें और सुर्खी में ग़ुलाब जैसे,
मेरे हाथ खाली जाम तुम्हारे होंठो में शराब जैसे,
जैसे हर बार तुम्हारा वो ख़्वाब देखता हूं,
तुम्हारे हाथों में मेरा दिया वो ग़ुलाब देखता हूं,
वक्त हो तो आना कभी इक हसरत बाकी है,
तुम्हे हर बार की तरह पहली बार देखना बाकी है...
