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Aadat gam chupane ki || sad but true hindi shayari

Ek baat hai jo kabse humein, samajh nhi aa rhi..
Aadat gam chupane ki humse, badli nhi ja rhi..
Dekha hai logo ko bant te huye, gam dusro ke sath..
Kaash baant le mera bhi koi, ab aur chupane ki, jagah na rahi…💔

एक बात है जो कबसे हमें, समझ नहीं आ रही..
आदत गम छुपाने की हमसे, बदली नहीं जा रही..
देखा है लोगों को बांटते हुए, गम दूसरों के साथ..
काश बांट ले मेरा भी कोई, अब और छुपाने की, जगह ना रही…💔

Title: Aadat gam chupane ki || sad but true hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


EHSAAS ohde chehre da || true love punjabi shayari

Ehsaas ohde chehre da jive
noor rabbi jhalkaawe
mulakaat ohde naal injh jive
rabb aap milan nu aawe

ਅਹਿਸਾਸ ਉਹਦੇ ਚਹਿਰੇ ਦਾ ਜਿਵੇਂ
ਨੂਰ ਰੱਬੀ ਝਲਕਾਵੇ❤️
ਮੁਲਾਕਾਤ ਉਹਦੇ ਨਾਲ ਇੰਝ ਜਿਵੇਂ
ਰੱਬ ਆਪ ਮਿਲਣ ਨੂੰ ਆਵੇ

Title: EHSAAS ohde chehre da || true love punjabi shayari


Bharosa paala hai || hindi poetry

मैंने मेरे मन में

एक भरोसा पाला

उसे कभी क़ैद नहीं किया

वह जब-जब उड़ा फिर लौट आया

चिड़िया जैसे नन्हे पंख उगे

धरती के गुरुत्व के विरुद्ध पहली उड़ान

पहला लक्षण था आज़ादी की चाहना का

भरोसे के भीतर एक और भरोसा जन्मा

और ये सिलसिला चलता रहा

अब इनकी संख्या इतनी है

कि निराश होने के लिए

मुझे अपने हर भरोसे के पंख मरोड़कर

उन्हें अपाहिज बनाना होगा!

करना होगा क़ैद

जो मैं कर नहीं पाऊँगी

हैरानी! मैं ऐसा सोच भी पाई

अपनी इस सोच पर बीती रात घंटों सोचा

ख़ुद पर लानतें फेंकीं

कोसा ख़ुद को

मन ग्लानि से भर उठा

आँखों के कोने भीगते गए

और फिर इकठ्ठा किया अपना सारा प्यार

उनके पंखों को सहलाया

हर एक भरोसे को पुचकारा

उनके सतरंगे पंखों को

आज़ादी के एहसास से भरते देखा

सुबह तक वे एक लंबी उड़ान पर निकल चुके थे

उनकी अनुपस्थिति में

मैं निराश!

पर जान पा रही थी कि शाम तक वे लौट आएँगे

यह वह भरोसा है

जिसके पंख अभी उगने बाक़ी हैं

जो अभी ही है जन्मा!

Title: Bharosa paala hai || hindi poetry