आहट नहीं थी, सुर्ख़ हवाओं में वक्त ना लगा,
वक्त कम था, वो लम्हा गुजरने में वक्त ना लगा,
मैं वक्त का तकाज़ा ले कर बैठा था
चंद खुशियों के इंतजार में,
मेरा घर टूट के बिखरने में वक्त न लगा...
Enjoy Every Movement of life!
आहट नहीं थी, सुर्ख़ हवाओं में वक्त ना लगा,
वक्त कम था, वो लम्हा गुजरने में वक्त ना लगा,
मैं वक्त का तकाज़ा ले कर बैठा था
चंद खुशियों के इंतजार में,
मेरा घर टूट के बिखरने में वक्त न लगा...

jindagee aaj kal gujar rahee hai imtihaano ke daur se,
ek jakhm bharata nahee doosara aane kee jid karata hai…
जिन्दगी आज कल गुजर रही है इम्तिहानो के दौर से,
एक जख्म भरता नही दूसरा आने की जिद करता है…