आहट नहीं थी, सुर्ख़ हवाओं में वक्त ना लगा,
वक्त कम था, वो लम्हा गुजरने में वक्त ना लगा,
मैं वक्त का तकाज़ा ले कर बैठा था
चंद खुशियों के इंतजार में,
मेरा घर टूट के बिखरने में वक्त न लगा...
Enjoy Every Movement of life!
आहट नहीं थी, सुर्ख़ हवाओं में वक्त ना लगा,
वक्त कम था, वो लम्हा गुजरने में वक्त ना लगा,
मैं वक्त का तकाज़ा ले कर बैठा था
चंद खुशियों के इंतजार में,
मेरा घर टूट के बिखरने में वक्त न लगा...
तुझें कुछ भी न करना हैं,
मुझको दिवाना बनाने के लिए,
तेरी ये आंखों का काजल ही काफी है,
मेरी धड़कनों को बढ़ाने के लिए….
पाया तुझें तो सपने भी सच लगने लगे,
तुम अज़नबी से आज मेंरे अपने लगने लगे,
होता नहीं यकीन अपने खुद के किस्मत पर,
तुम मेरी धड़कन में कुछ इस तरह बसने लगे..
