आहट नहीं थी, सुर्ख़ हवाओं में वक्त ना लगा,
वक्त कम था, वो लम्हा गुजरने में वक्त ना लगा,
मैं वक्त का तकाज़ा ले कर बैठा था
चंद खुशियों के इंतजार में,
मेरा घर टूट के बिखरने में वक्त न लगा...
Enjoy Every Movement of life!
आहट नहीं थी, सुर्ख़ हवाओं में वक्त ना लगा,
वक्त कम था, वो लम्हा गुजरने में वक्त ना लगा,
मैं वक्त का तकाज़ा ले कर बैठा था
चंद खुशियों के इंतजार में,
मेरा घर टूट के बिखरने में वक्त न लगा...

Ajh phir aaye ne kalje ch haul
te akhiyaan vich pani
kale baithiyaan nu jadon yaad aayi o marzaani
ਅੱਜ ਫਿਰ ਆਏ ਨੇ ਕਾਲਜੇ ‘ਚ ਹੌਲ
ਤੇ ਅੱਖੀਆਂ ਵਿੱਚ ਪਾਣੀ
ਕੱਲੇ ਬੈਠਿਆਂ ਨੂੰ ਜਦੋਂ ਯਾਦ ਆਈ ਓਹ ਮਰਜਾਣੀ