आहट नहीं थी, सुर्ख़ हवाओं में वक्त ना लगा,
वक्त कम था, वो लम्हा गुजरने में वक्त ना लगा,
मैं वक्त का तकाज़ा ले कर बैठा था
चंद खुशियों के इंतजार में,
मेरा घर टूट के बिखरने में वक्त न लगा...
Enjoy Every Movement of life!
आहट नहीं थी, सुर्ख़ हवाओं में वक्त ना लगा,
वक्त कम था, वो लम्हा गुजरने में वक्त ना लगा,
मैं वक्त का तकाज़ा ले कर बैठा था
चंद खुशियों के इंतजार में,
मेरा घर टूट के बिखरने में वक्त न लगा...
“As he read, I fell in love the way you fall asleep: slowly, and then all at once.”
सोलह बसंत पार हुए तो बेटी स्यानी हो जाती है!
गाँव,घर,गली,मुहल्ले मे एक कहानी हो जाती है!
ध्यान से रखना आप सब इस अनमोल रत्न को!
पांव गर फिसले तो मुश्किल जिंदगानी हो जाती है!!
हर्ष ✍️