आहट नहीं थी, सुर्ख़ हवाओं में वक्त ना लगा,
वक्त कम था, वो लम्हा गुजरने में वक्त ना लगा,
मैं वक्त का तकाज़ा ले कर बैठा था
चंद खुशियों के इंतजार में,
मेरा घर टूट के बिखरने में वक्त न लगा...
आहट नहीं थी, सुर्ख़ हवाओं में वक्त ना लगा,
वक्त कम था, वो लम्हा गुजरने में वक्त ना लगा,
मैं वक्त का तकाज़ा ले कर बैठा था
चंद खुशियों के इंतजार में,
मेरा घर टूट के बिखरने में वक्त न लगा...

Kat rahi hai zindagi kuch ese
Titli ka jism jaise daba ho kitab mein… 💔💯
कट रही है ज़िन्दगी कुछ ऐसे…
तितली का जिस्म जैसे दबा हो किताब में….💔💯