आहट नहीं थी, सुर्ख़ हवाओं में वक्त ना लगा,
वक्त कम था, वो लम्हा गुजरने में वक्त ना लगा,
मैं वक्त का तकाज़ा ले कर बैठा था
चंद खुशियों के इंतजार में,
मेरा घर टूट के बिखरने में वक्त न लगा...
आहट नहीं थी, सुर्ख़ हवाओं में वक्त ना लगा,
वक्त कम था, वो लम्हा गुजरने में वक्त ना लगा,
मैं वक्त का तकाज़ा ले कर बैठा था
चंद खुशियों के इंतजार में,
मेरा घर टूट के बिखरने में वक्त न लगा...
ज़िकर तुम्हारा होता है ,अल्फाज् हमारे होते है
आलम ये हो गया है की अब हम रात में भी नहीं सोते हैl
इस कदर गुम हो जाते है तुमहारी याद मे,
की पता नही चलता हम कहा होते है|
अगर तुम साथ नही होगी,
तो तनहा गुजार देगे जिदगी ये वादा करते है|
मेरे ज़जबातों को समझने की कोशिश करो,
हम जैसे इंसान बहुत कम होते है l
वैसे तो हुसन की कमी नहीं है ,
पर तुम्हारे जैसे भी बहुत कम मिलते है l
हर किसी को अपना प्यार मिल जाये ,
ऐसे खुशकिसमत कम होते है l
कुछ तो खास है तुम में ,
वरना हम भी हर किसी पे फिदा नही होते है|
Ankhein hasti hai, magar dil ye rota hai
Jise hum apni manzil samjhe hain
Uska humsafar koi aur hi hota hai💔
आँखे हँसती हैं, मग़र दिल ये रोता है,
जिसे हम अपनी मंजिल समझे हैं,
उसका हमसफ़र कोई और ही होता है।💔