काश,जिंदगी सचमुच किताब होती
पढ़ सकता मैं कि आगे क्या होगा?
क्या पाऊँगा मैं और क्या दिल खोयेगा?
कब थोड़ी खुशी मिलेगी, कब दिल रोयेगा?
काश जिदंगी सचमुच किताब होती,
फाड़ सकता मैं उन लम्हों को
जिन्होने मुझे रुलाया है..
जोड़ता कुछ पन्ने जिनकी यादों ने मुझे हँसाया है…
खोया और कितना पाया है?
हिसाब तो लगा पाता कितना
काश जिदंगी सचमुच किताब होती,
वक्त से आँखें चुराकर पीछे चला जाता..
टूटे सपनों को फिर से अरमानों से सजाता
कुछ पल के लिये मैं भी मुस्कुराता,
काश, जिदंगी सचमुच किताब होती।
Jadon vi ronde haan Teri ikk gall bhut yaad aundi e
Ke tu keha c..
Jada paise vale taan nahi haan par tenu khush rakhange💔..!!
ਜਦੋਂ ਵੀ ਰੋਂਦੇ ਹਾਂ ਤੇਰੀ ਇੱਕ ਗੱਲ ਬਹੁਤ ਯਾਦ ਆਉਂਦੀ ਏ
ਕਿ ਤੂੰ ਕਿਹਾ ਸੀ..
ਜ਼ਿਆਦਾ ਪੈਸੇ ਵਾਲੇ ਤਾਂ ਨਹੀਂ ਹਾਂ ਪਰ ਤੈਨੂੰ ਖੁਸ਼ ਰੱਖਾਂਗੇ💔..!!