Kambakht yeh aankhe
aansuaa ka wajan nahi uthaa paa rahe hai aur
ye gile takiye roj hi sawere sookh jaate hai
कम्बख्त ये आंखे ,
आंसुओ का वजन नहि उठा पा रहिन हैं! ओर
ये गिले तकिये रोज़ हि सवरे सुख जाते हैं!!
Kambakht yeh aankhe
aansuaa ka wajan nahi uthaa paa rahe hai aur
ye gile takiye roj hi sawere sookh jaate hai
कम्बख्त ये आंखे ,
आंसुओ का वजन नहि उठा पा रहिन हैं! ओर
ये गिले तकिये रोज़ हि सवरे सुख जाते हैं!!
ना हुस्न से, ना सूरत से, ना तेरी अदाओं से दिल बेचैन है…
तेरे जिस्म का घायल करने वाला हिस्सा, तो सिर्फ़ तेरे नैन हैं..
देखा जो तूने, लगा लहरों पे चलती, ठंडी हवाओं का झोंका है..
क्या समझ इस इशारे में, कुछ था, या मेरी नजरों का धोखा है..
अब ना दिन में चैन है, ना रातों को सुकून मिलता है..
क्या तुझे लगता है, के किसी रांझे से मेरा खून मिलता है..??
अब तू ही सुलझा ये गुत्थी, जो मेरे ज़हन में चल रही है..
क्या ये आग ठीक है, प्यार की, जो मेरे सीने में जल रही है..?
Nahi pta kinjh izhaar tenu kara mein
Menu nahi pta dil da haal kive kehna e..!!
Kive tenu bhull ke azad mein hona e
Nahi pta menu tere bina kinjh rehna e..!!
ਨਹੀਂ ਪਤਾ ਕਿੰਝ ਇਜ਼ਹਾਰ ਤੈਨੂੰ ਕਰਾਂ ਮੈਂ
ਮੈਨੂੰ ਨਹੀਂ ਪਤਾ ਦਿਲ ਦਾ ਹਾਲ ਕਿਵੇਂ ਕਹਿਣਾ ਏ..!!
ਕਿਵੇਂ ਤੈਨੂੰ ਭੁੱਲ ਕੇ ਆਜ਼ਾਦ ਮੈਂ ਹੋਣਾ ਏ
ਨਹੀਂ ਪਤਾ ਮੈਨੂੰ ਤੇਰੇ ਬਿਨਾਂ ਕਿੰਝ ਰਹਿਣਾ ਏ..!!