Kambakht yeh aankhe
aansuaa ka wajan nahi uthaa paa rahe hai aur
ye gile takiye roj hi sawere sookh jaate hai
कम्बख्त ये आंखे ,
आंसुओ का वजन नहि उठा पा रहिन हैं! ओर
ये गिले तकिये रोज़ हि सवरे सुख जाते हैं!!
Kambakht yeh aankhe
aansuaa ka wajan nahi uthaa paa rahe hai aur
ye gile takiye roj hi sawere sookh jaate hai
कम्बख्त ये आंखे ,
आंसुओ का वजन नहि उठा पा रहिन हैं! ओर
ये गिले तकिये रोज़ हि सवरे सुख जाते हैं!!
Mohobbat ki talash mein nikle ho tum
Are o pagl…
Mohobbat khud talash karti hai
Jise barbaad karna ho🙃✌
मोहब्बत की तलाश में निकले हो तुम
अरे ओ पागल…
मोहब्बत खुद तलाश करती है…
जिसे बर्बाद करना हो🙃✌
यह अधूरा इश्क कब पूरा होगा
होगा भी जा अधूरा रहेगा
ना तुम आए ना पैगाम आया
तुम्हरे पैगाम का कब तक
इंतजार रहेगा
कौन सी जगह है वोह
जहा पर वोह सो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम गलियों मै देख आए
ना गलियों मै वोह मिला
हम बात उसकी कर रहे
हमें छोड़ कर जो गया
नाजने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया
हम पहचान बताते हैं उसकी
सफेद रंग और काले घने बाल है।
कहां रहते हैं वोह कोनसे गांव और शहर में
एकेले थे जा कोई नाल है।
काले रंग की पेंट और कमीज़ पहनते है।
एक हाथ मै डायरी और एक हाथ
मे कलम पकड़ कर रखते हैं।
उनकी चाहत सबसे ज्यादा डायरी से
और वोह डायरी को
सिने से जकड़ कर रखते है।
उनका नाम है हर्ष
जो शायरी करते थे
अब तो नाम उनका गुमनाम सा हो गया
ना जाने कौन सी वोह गालियां है
जिस शहर की गलियों में खो गया।