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AASHQ HUN ME MUJHE AASHQ HI REHNE DO

आशक़ हूं मै, मुझे आशक़ ही रहने दो
गमों के अंधेरों से, हे मेरा रिश्ता गहरा
खुशियों के उजालों में, मत धकेलो
आशक़ हूं मै, मुझे आशक़ ही रहने दो

मक्के का काबा, एक बेजान दिवार है
इस दुनिया की हज में, मत सड़ने दो
उस खुदा की कुरान में, मेरे यार का बयान हे
मुझे यार की नमाज़ को, पड़ने दो
आशक़ हूं मै, मुझे आशक़ ही रहने दो

यह ज़िन्दगी इक मौत है,
मुझे दिलदार के प्यार में जीने दो
इस शराब में वोह नशा कहाँ
मुझे यार का नशा करने दो
आशक़ हूं मै, मुझे आशक़ ही रहने दो

गुलाबों की मेहकों में, वोह दम कहाँ
यार की सुगंद में, मुझे बहकने दो
नीले #गगन को, अब काली रात है पियारी
उस पे अश्कों की बूंदो को, चमकने दो
आशक़ हूं मै, मुझे आशक़ ही रहने दो। ….

Hindi Shayari, Hindi Sad Poetry:

Aashq hu me, mujhe aashq hi rehne do
gamon ke andheron se, he mera rishta gehra
khusiyon ke uzalon me, mat dhakelo
aashq hu me, mujhe aashq hi rehne do

Makke ka kaba, ek bejan diwar hai
is duniyi ki hazz me, mat sarrhne do
us khuda ki kuraan me, mere yaar ka byan hai
mujhe yaar ki namaaz ko, padhne do
aashq hu me, mujhe aashq hi rehnde do

yeh zindagi ek maut hai,
mujhe dildaar ke pyar me jeene do
is sharab me voh nasha kahaan
mujhe yaar ka nasha karne do
aashq hu me, mujhe aashq hi rehne do

gulaabon ki mehkon me, woh dam kahan
yaar ki sugand me, mujhe behkne do
neele #Gagan ko, abh kali raat hai pyari
us pe ashqon ki boondon ko, chamakne do
aashq hu me, mujhe aashq hi rehne do

Title: AASHQ HUN ME MUJHE AASHQ HI REHNE DO

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Mehnat || hindi poetry || मेहनत पर कविता

आज गया  ऐसे ही
कल भी चला जायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

दुःख है आज जिंदगी मे तेरे
कल सुख भी पायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

साथी पहुंच जायेगे बहुत आगे 
तू पीछे ही रह जायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

समय बितता जायेगा
तू सोचता ही रह जायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

जिंदगी के सभी सपने
मेहनत से ही पुरे कर पायेगा 
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

आज मेहनत करेगा तभी
कल मेहनत का  फल पायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

जब शरीर मे जान ही नही बचेगी
तब क्या मेहनत करेगा
आज गया  समय ऐसे ही
 कल तो तू ही चले जायेगा 
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

जब कुछ नही कर पायेगा तो
किस्मत को जिम्मेवार ठहरायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

मेहनत कर ऐ इंसान तू अब
कब तक ऐसे बैठे रहेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

गरीब है अगर तू आज
कल अमीर बन जायेगा| 
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

कब तक  परिवारवालो की
मेहनत की रोटी तू खायेगा
एक दिन तू जरूर पछतायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

मेहनत कर ऐ इंसान
तू आगे ही बढ़ता जायेगा
दुनिया के नजरों मे एक दिन  
सफल इंसान बन जायेगा|

अब सुन ऐ इंसान एक बात आज
जब तक नही निकालेगा अपने
अंदर के आलस को तू बाहर
तब तक मेहनत करने से
कतरायेगा तू हर बार|

कामयाब वही होते है
जो कुछ कर दिखाते है
वरना सोचता तो हर इंसान है|
सोच मे तो ऐ इंसान तू बैठे-बैठे
 बडे बडे सपने देख लेता है
 जब मेहनत करने समय आता है
 तो सपनो को  दो मिनट मे तोड़ देता है|
सपने ऐसे देख जिसको तू पूरा कर सके
ऐसे सपने ही क्यों देखने जिनको
पाने की तू हिम्मत ही न रख सके |

कितने आये जिंदगी मे
ओर कितने चले गये
नाम उनका ही रहा
जो कुछ करके दिखा गये|

वो सोचते थे जो भी 
उसको पूरा करके दिखाते थे
उनका मुँह नही  बोलता था
काम बोलके दिखाता था |

मेहनत करके ऐ इंसान
जब तू इस जिंदगी से जायेगा
तेरा नाम रहेगा इस दुनिया मे
ओर तू अमर कहलायेगा.

Title: Mehnat || hindi poetry || मेहनत पर कविता


ZINDAGI DA PATA || 2 Lines True Shayari punjabi

true 2 line shayari || zindagi ch dard hauna zaroori aa tad hi zindagi da asl pata chalda

zindagi ch dard hauna zaroori aa
tad hi zindagi da asl pata chalda