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AASHQ HUN ME MUJHE AASHQ HI REHNE DO

आशक़ हूं मै, मुझे आशक़ ही रहने दो
गमों के अंधेरों से, हे मेरा रिश्ता गहरा
खुशियों के उजालों में, मत धकेलो
आशक़ हूं मै, मुझे आशक़ ही रहने दो

मक्के का काबा, एक बेजान दिवार है
इस दुनिया की हज में, मत सड़ने दो
उस खुदा की कुरान में, मेरे यार का बयान हे
मुझे यार की नमाज़ को, पड़ने दो
आशक़ हूं मै, मुझे आशक़ ही रहने दो

यह ज़िन्दगी इक मौत है,
मुझे दिलदार के प्यार में जीने दो
इस शराब में वोह नशा कहाँ
मुझे यार का नशा करने दो
आशक़ हूं मै, मुझे आशक़ ही रहने दो

गुलाबों की मेहकों में, वोह दम कहाँ
यार की सुगंद में, मुझे बहकने दो
नीले #गगन को, अब काली रात है पियारी
उस पे अश्कों की बूंदो को, चमकने दो
आशक़ हूं मै, मुझे आशक़ ही रहने दो। ….

Hindi Shayari, Hindi Sad Poetry:

Aashq hu me, mujhe aashq hi rehne do
gamon ke andheron se, he mera rishta gehra
khusiyon ke uzalon me, mat dhakelo
aashq hu me, mujhe aashq hi rehne do

Makke ka kaba, ek bejan diwar hai
is duniyi ki hazz me, mat sarrhne do
us khuda ki kuraan me, mere yaar ka byan hai
mujhe yaar ki namaaz ko, padhne do
aashq hu me, mujhe aashq hi rehnde do

yeh zindagi ek maut hai,
mujhe dildaar ke pyar me jeene do
is sharab me voh nasha kahaan
mujhe yaar ka nasha karne do
aashq hu me, mujhe aashq hi rehne do

gulaabon ki mehkon me, woh dam kahan
yaar ki sugand me, mujhe behkne do
neele #Gagan ko, abh kali raat hai pyari
us pe ashqon ki boondon ko, chamakne do
aashq hu me, mujhe aashq hi rehne do

Title: AASHQ HUN ME MUJHE AASHQ HI REHNE DO

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Camel ki gardan || akbar birbal kahani

अकबर बीरबल की हाज़िर जवाबी के बडे कायल थे। एक दिन दरबार में खुश होकर उन्होंने बीरबल को कुछ पुरस्कार देने की घोषणा की। लेकिन बहुत दिन गुजरने के बाद भी बीरबल को पुरस्कार की प्राप्त नहीं हुई। बीरबल बडी ही उलझन में थे कि महाराज को याद दिलायें तो कैसे?

एक दिन महारजा अकबर यमुना नदी के किनारे शाम की सैर पर निकले। बीरबल उनके साथ था। अकबर ने वहाँ एक ऊँट को घुमते देखा। अकबर ने बीरबल से पूछा, “बीरबल बताओ, ऊँट की गर्दन मुडी क्यों होती है”?

बीरबल ने सोचा महाराज को उनका वादा याद दिलाने का यह सही समय है। उन्होंने जवाब दिया – “महाराज यह ऊँट किसी से वादा करके भूल गया है, जिसके कारण ऊँट की गर्दन मुड गयी है। महाराज, कहते हैं कि जो भी अपना वादा भूल जाता है तो भगवान उनकी गर्दन ऊँट की तरह मोड देता है। यह एक तरह की सजा है।”

तभी अकबर को ध्यान आता है कि वो भी तो बीरबल से किया अपना एक वादा भूल गये हैं। उन्होंने बीरबल से जल्दी से महल में चलने के लिये कहा। और महल में पहुँचते ही सबसे पहले बीरबल को पुरस्कार की धनराशी उसे सौंप दी, और बोले मेरी गर्दन तो ऊँट की तरह नहीं मुडेगी बीरबल। और यह कहकर अकबर अपनी हँसी नहीं रोक पाए।

और इस तरह बीरबल ने अपनी चतुराई से बिना माँगे अपना पुरस्कार राजा से प्राप्त किया।

Title: Camel ki gardan || akbar birbal kahani


me ajh v tenu pyar karaan || love punjabi shayari

Dil mere vich vas gayeaa e
tenu kida #dilon bahar karaan,
kai saal ho gaye bhawe vichhdeyaan nu
me ajh v tenu #pyar karaan

ਦਿਲ‬ ਮੇਰੇ ‪ਵਿੱਚ‬ ਵੱਸ ‪ਗਇਆਂ‬ ਏ,
‪Tenu ਕਿੱਦਾ #ਦਿਲੋ  ਬਾਹਰ ਕਰਾਂ ,
ਕਈ ਸਾਲ ਹੋ ਗਏ ਭਾਵੇਂ ਵਿਛੜਿਆਂ Nu ,
ਮੈ ‪ਅੱਜ‬ ਵੀ Tenu #ਪਿਆਰ ਕਰਾਂ .

Title: me ajh v tenu pyar karaan || love punjabi shayari