अभी मुश्किल है, कैसे बताऊ के दिल में क्या चल रहा है..
एक अजीब से उलझन में हूँ, दिल मेरा जैसे के जल रहा है..
ना जाने परेशानी की वजह है क्या, बेचैनी बड़ी अजब सी है..
ये खुद मेरी समझ से बाहर है, कुछ तो है जो खल रहा है..
अभी मुश्किल है, कैसे बताऊ के दिल में क्या चल रहा है..
एक अजीब से उलझन में हूँ, दिल मेरा जैसे के जल रहा है..
ना जाने परेशानी की वजह है क्या, बेचैनी बड़ी अजब सी है..
ये खुद मेरी समझ से बाहर है, कुछ तो है जो खल रहा है..
कुछ ख़ास फर्क नहीं होता तेरे ना होने से,
बस ये जिंदगी, जिंदगी जीना छोड़ देती है...
मोड़ देती है रास्ते मेरे तेरी गलियों में वहां,
जहां नजरें उठाने से धड़कने दम तोड देती हैं...
मिलने का दावा करती हैं,
बोल देती है तेरी तस्वीरें, तेरी ज़ुबां ना ही सही,
मुझे वहां वापस तेरी गलियों में छोड़ देती है...
वहीं जहां धड़कनें दम तोड देती हैं...