अगर जहर है जिंदगी,
पीना तो पड़ता हैं,
ना जाने कितनी बार,
गिरकर संभलना पड़ता।
अगर जहर है जिंदगी,
पीना तो पड़ता हैं,
ना जाने कितनी बार,
गिरकर संभलना पड़ता।
काश बनाने वाले ने दिल कांच के बनाये होते,
तोड़ने वाले के हाथ में ज़ख्म तो आये होते…
kaash banaane vaale ne dil kaanch ke banaaye hote,
todane vaale ke haath mein zakhm to aaye hote…
न हम साथ चल प् रहे हैं
न ही हम दूर हो प् रहे हैं
और न ही खवाबो को छोड़ प् रहे हैं
न ही हकीकत में बदल पा रहे है
सबकुछ होते हुए भी
हमारे बीच खाली सा लगता है
न जाने क्यों ये रिस्ता हमारा
बिखड़ा सा लगता है
दोनों एकदूसरे के एकदम अपोजिट हैं
कुछ भी सिमिलर नहीं है तुम्हारे बीच
हम चाहते कुछ और हैं होता कुछ र है
न जाने ये ज़िंदगी कहा ले जा रही है हमे
मैं तुमसे बहुत कुछ कहना चाहती हु
पर कह नहीं प् रही हु