अगर जहर है जिंदगी,
पीना तो पड़ता हैं,
ना जाने कितनी बार,
गिरकर संभलना पड़ता।
Enjoy Every Movement of life!
अगर जहर है जिंदगी,
पीना तो पड़ता हैं,
ना जाने कितनी बार,
गिरकर संभलना पड़ता।
वो भी हमको मिल गया है क्या सितम है,
ग़म ही ग़म है क्या ही क्या है क्या सितम है।
देख ले इक मर्तबा तेरी तरफ़ जो,
रात दिन मांगे दुआ है क्या सितम है।
ज़िंदगी मेरी कहीं बस बीत जाए
बे वफ़ा तो हो गया है क्या सितम है।
इश्क़ तेरा अब जहर सा हो गया है,
वो जहर ही अब दवा है क्या सितम है।
आज कल घर से निकलते ही नहीं हो,
यार तुमको क्या हुआ है क्या सितम है।
Push yourself….. because no one else doing it for you 💯