अगर जहर है जिंदगी,
पीना तो पड़ता हैं,
ना जाने कितनी बार,
गिरकर संभलना पड़ता।
Enjoy Every Movement of life!
अगर जहर है जिंदगी,
पीना तो पड़ता हैं,
ना जाने कितनी बार,
गिरकर संभलना पड़ता।
बड़ा खुदगर्ज इश्क था तुम्हारा
खुद में ही सिमट कर रह गया
रोया मैं भी तेरे बाद बोहोत
फिर चुप चाप कही बैठ गया
और दिल हल्का हुआ तेरे बारे में बोलकर
जब एक दिन में यारो की महफिल में बैठ गया
