अहिस्ता कीजिये कत्ल मेरे अरमानो का,
कही सपनो से लोगो का ऐतबार ना उठ जाए…
ahista keejiye katl mere aramaano ka,
kahee sapano se logo ka aitabaar na uth jae…
अहिस्ता कीजिये कत्ल मेरे अरमानो का,
कही सपनो से लोगो का ऐतबार ना उठ जाए…
ahista keejiye katl mere aramaano ka,
kahee sapano se logo ka aitabaar na uth jae…
ewe bahutiaa fikraa na kareya kar
dimaag ‘ch ni asi tainu dil ‘ch rakheyaa
ਐਵੇਂ ਬਹੁਤੀਆਂ ਫਿਕਰਾਂ ਨਾ ਕਰਿਆ ਕਰ,
ਦਿਮਾਗ ‘ਚ ਨੀਂ ਅਸੀਂ ਤੈਨੂੰ ਦਿਲ ‘ਚ ਰੱਖਿਆ…❤
दोस्त बन कर भी नहीं साथ निभाने वाला
वही अंदाज़ है ज़ालिम का ज़माने वाला
अब इसे लोग समझते हैं गिरफ्तार मेरा
सख्त नदीम है मुझे दाम में लाने वाला
क्या कहें कितने मरासिम थे हमारे इस से
वो जो इक शख्स है मुंह फेर के जाने वाला
मुन्तज़िर किस का हूँ टूटी हुई दहलीज़ पे मैं
कौन आएगा यहाँ कौन है आने वाला
मैंने देखा है बहारों में चमन को जलते
है कोई ख्वाब की ताबीर बताने वाला