अहिस्ता कीजिये कत्ल मेरे अरमानो का,
कही सपनो से लोगो का ऐतबार ना उठ जाए…
ahista keejiye katl mere aramaano ka,
kahee sapano se logo ka aitabaar na uth jae…
अहिस्ता कीजिये कत्ल मेरे अरमानो का,
कही सपनो से लोगो का ऐतबार ना उठ जाए…
ahista keejiye katl mere aramaano ka,
kahee sapano se logo ka aitabaar na uth jae…
Main ishq kita si tu vyapar kita,
Galti Teri nahi galti ta Meri si
Kyoki tu nahi
main tanu pyaar kita si….
मरहम घाव ढूंढ रहे हैं, पत्ते छांव ढूंढ रहे हैं,
मंजिलें थोड़ी दूर हैं, रास्ते पांव ढूंढ रहे हैं...
गुमराह करने वालों की भीड़ बहुत बड़ी है
वहां मत जाना वो चलने को बस दाव ढूंढ रहे हैं...
बेच देंगे वो सरकारें भी इक दिन
मिलने का सही भाव ढूंढ रहे हैं...
बेगुनाहों को बेजान करना आदत है इनकी
बस, मूंछों को देने के लिए झूठा ताव ढूंढ रहे
हैं...