Gujre hoye kal to pucho beet jan di ahmiyat😇
ਗੁਜਰੇ ਹੋਏ ਕਲ ਤੋਂ ਪੁੱਛੋ ਬੀਤ ਜਾਨ ਦੀ ਅਹਮਿਯਤ😇
Gujre hoye kal to pucho beet jan di ahmiyat😇
ਗੁਜਰੇ ਹੋਏ ਕਲ ਤੋਂ ਪੁੱਛੋ ਬੀਤ ਜਾਨ ਦੀ ਅਹਮਿਯਤ😇
अब कोई भी शायरी तुझे तड़पाती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
मौसम की हर बहारों से मांगा था !
मैंने तुझको टूटते तारों से मांगा था |
जुदा होके तू शायद ही जी पाती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
ख़ैर अब मैं भी तुझे भूल रहा हूं !
गलतियां सारी कबूल रहा हूं |
मेरी तस्वीरें तुझे बड़ा सताती होगी !
सच बता मेरी याद तो आती होगी ?
