आओ सुनाओ अपने जीवन की कथा
नाम है पेड़ दूर करता हूं सब की व्यथा
कितना विशाल कितना घना हूं
फल और फूलों से लदा हूं
मेरी ही छाया में आकर
तुम अपनी थकान मिटाते हो
मीठे फल और सुंदर फूल
तुम मुझसे ही ले जाते हो
दूषित हवा तुम मुझको देकर
खुद प्राणवायु मुझसे पाते हो
अपने ही जीवन के आधार पर
तुम कुल्हाड़ी जब बरसाते हो
मुझसे ही मेरा सब कुछ लेकर
तुम दर्द मुझे दे जाते हो
देता हूं बारिश का पानी
हरियाली मुझसे पाते हो
करता हूं इतने उपकार
फिर भी सहता तुम्हारे अत्याचार
Kade gussa karn oh kade izhaar karde ne..!!
Kade Russ jande ne te kade pyar karde ne..!!
ਕਦੇ ਗੁੱਸਾ ਕਰਨ ਉਹ ਕਦੇ ਇਜ਼ਹਾਰ ਕਰਦੇ ਨੇ..!!
ਕਦੇ ਰੁੱਸ ਜਾਂਦੇ ਨੇ ਤੇ ਕਦੇ ਪਿਆਰ ਕਰਦੇ ਨੇ..!!