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Ajeeb silsila hai ye zindagi ka || best hindi shayari on life

कोई खुशियों की चाह में रोया,
कोई दुखों की पनाह में रोया,
अजीब सिलसिला हैं ये “ज़िंदगी” का..
कोई भरोसे के लिए रोया,
कोई भरोसा कर के रोया!! ??

Koi khusiyo ki chah main roya,
Koi dukhon ki panah main roya,
Ajeeb silsila hai ye zindagi ka,
Koi bharose ke liye roya,
Toh koi bharosa karke roya. ??

Title: Ajeeb silsila hai ye zindagi ka || best hindi shayari on life

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Mooh pe ungali rakho

मुंह पे उंगली रखो तमाशा मत करो।
है चुप रहने की दवा मना मत करो।।

राम लाल जी बोले अपनी बीवी से
बीवी बड़ी भयंकर थी
जटा खोलें शिव शंकर थी
नेत्रों से ऐसी फूटी ज्वाला
“पीछे हटो ” कहकर
धक्का दे डाला।

शब्द बाणों के तो अपने विवाह दिवस से ही
राम लाल जी थे आदी
धक्का खाकर आज पता चला
क्या होती है शादी।

थोड़ी सी टूटी कमर
थोड़ी सी निकली आह
यह वही पत्नी थी
जिसको पाने के लिए मांगी थी दुआ
दुआ का प्रसाद क्या दे गया भगवान
पूजा की थी 5 साल
लेकर इस लड़की का नाम।

लेकिन अब लड़की बन गयी देवी
सो देवी पूजा उतारने को तैयार
जब भी कुछ बोले राम लाल जी
सीखा देती बोलने का शिष्टाचार।

किन्तु आज मामला हो गया था गर्म
भूल गए थे राम लाल जी पति धर्म
तो धर्म था पत्नी को ले जाना फिल्म दिखाने
और लाल जी घर चले आये गुन-गुनाते गाने।

तो इस तरह पत्नी के सपनों को खाक में मिलाकर
ढाई घंटे तक मेकअप की तपस्या करवाकर
आते ही बोल पड़े जानू आज क्या है खाने में
भूल गए सुबह वादा हुआ था फिल्म देखने जाने में।
फिल्म के साथ, बाहर खाने का भी था विचार
पत्नी ने तो कर भी दिया आस-पड़ोस में प्रचार
लेकिन पति देव आये पूरे दो घंटे लेट
गुस्सा तो आया कि कर दें दो-तीन थप्पड़ भेंट
किन्तु पत्नी थी क्षमाशील और दयावान
दो-तीन अपशब्द और एक धक्के से चलाया काम।

लेकिन पत्नी की इस हायतौबा ने
राम लाल जी का दिल कर दिया घायल
क्यों कि वो दो घंटे की देर इसलिए
खरीदने लगे थे पत्नी के लिए पायल
वही पायल जो दो दिन पहले पत्नी को
खूब पसंद थी आयी
और आज राम लाल जी की
रुकी सैलरी अचानक से आयी
ख़ुशी से लाल जी चले गए बाजार
आज पत्नी को पायल देनी उपहार
और बताना चाहते थे कितना है
दिल में पत्नी के लिए प्यार
किन्तु उससे पहले पत्नी ने बता दिया।

 

Title: Mooh pe ungali rakho


Dil mein zakham jada || true line Hindi shayari

Har or uljhan aur khamoshiyon ka shor hai
Ankhon mein dhua aur sanson mein gubar bhara hai
Bheed ke tamaam chehro par muskan to bani hai
Lekin dilon mein zakham jada aur sukun zara hai 🙃💯

हर ओर उलझन और खामोशियों का शोर है
आँखों में धुँआ और साँसों में गुबार भरा है 
भीड़ के तमाम चेहरों पर मुस्कान तो बनी है 
लेकिन दिलों में ज़ख्म ज्यादा और सुकून जरा है 🙃💯

Title: Dil mein zakham jada || true line Hindi shayari