
akhaan vich koi mehboob te nai aa vaseyaa

Dila evein usda moh Na kar
Na ta ohde bullan te tera zikar e
Na hi ohnu tere masum di fikar e..!!
ਦਿਲਾ ਐਵੇਂ ਓਹਦਾ ਮੋਹ ਨਾ ਕਰ
ਨਾ ਤਾਂ ਉਹਦੇ ਬੁੱਲਾਂ ਤੇ ਤੇਰਾ ਜ਼ਿਕਰ ਏ
ਨਾ ਹੀ ਓਹਨੂੰ ਤੇਰੇ ਮਾਸੂਮ ਦੀ ਫਿਕਰ ਏ..!!
मूक प्राणियों पर हमको तो,
तरस बहुत ही आता है।
इनकी देख दुर्दशा अपना,
सीना फटता जाता है।।
वन्य जीव जितने भी हैं,
सबका अस्तित्व बचाना है,
जंगल के जीवों के ऊपर,
दया हमें दिखलाना है।
वृक्ष अमूल्य धरोहर हैं,
इनकी रक्षा करना होगा।
जीवन जीने की खातिर,
वन को जीवित रखना होगा।
तनिक-क्षणिक लालच को,
अपने मन से दूर भगाना है।
धरती का सौन्दर्य धरा पर,
हमको वापिस लाना है।।