bure dino me bhi hass lete hai ham
saath gar koi na ho to akele chal lete hai ham
बुरे दिनों में भी हंस लेते है हम
साथ गर कोई न हो तो अकेले चल लेते है हम।
bure dino me bhi hass lete hai ham
saath gar koi na ho to akele chal lete hai ham
बुरे दिनों में भी हंस लेते है हम
साथ गर कोई न हो तो अकेले चल लेते है हम।
Hasdeyan nu rawaundi e
Rondeya nu hasaundi e
Eh mohobbat vi insan to ki ki kraundi e..!!
ਹੱਸਦਿਆਂ ਨੂੰ ਰਵਾਉਂਦੀ ਏ
ਰੋਂਦਿਆਂ ਨੂੰ ਹਸਾਉਂਦੀ ਏ
ਇਹ ਮੋਹੁੱਬਤ ਵੀ ਇਨਸਾਨ ਤੋਂ ਕੀ ਕੀ ਕਰਾਉਂਦੀ ਏ..!!
चाल अभी धीमी है,
पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।
हालात अभी उलझे हैं,
पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।
हौसलों की कमी नहीं,
क़्त भले ना हो ज्यादा।
शह मात की खेल है जिंदगी,
मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।
पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,
रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।
गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,
आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।
लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,
अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।
डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,
धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।
तरुण चौधरी