bure dino me bhi hass lete hai ham
saath gar koi na ho to akele chal lete hai ham
बुरे दिनों में भी हंस लेते है हम
साथ गर कोई न हो तो अकेले चल लेते है हम।
bure dino me bhi hass lete hai ham
saath gar koi na ho to akele chal lete hai ham
बुरे दिनों में भी हंस लेते है हम
साथ गर कोई न हो तो अकेले चल लेते है हम।
गजल (बे बहर)
जाने क्या हो गया है कैसी इम्तिहान की घड़ी है,
एक आशिक पे ये कैसी सजा आन पड़ी है!
आस भी क्या लगाएं अबकी होली पे हम उनसे,
दुनिया की ये खोखली रस्में तलवार लिए खड़ी है!
मैंने देखें हैं गेसुओं के हंसते रुखसार पे लाली
मगर हमारे चेहरे पे फिर आंसुओं की लड़ी है!
दर्द है, हिज्र है,और धुंधली सी तस्वीर का साया भी
तुम महलों में रहते हो तुमको हमारी क्यों पड़ी है !!
कैसे मुकर जाऊं मैं खुद से किए वादों से अभी,
अब मेरे हाथों में ज़िम्मेदारियों की हथकड़ी है!
तुमको को प्यार है दौलत ए जहां से अच्छा है,
मगर इस जहान में मेरे लिए मां सबसे बड़ी है !!
Use chhod jaane ke liye ek bahana kaafi hai
wo har pal rahe paas mere dua jehi rabb se maangi hai
ਉਸੇ ਛੋਡ ਜਾਣੇ ਕੇ ਲਿਏ ਏਕ ਬਹਾਨਾ ਕਾਫ਼ੀ ਹੈ,
ਵੋ ਹਰ ਪਲ ਰਹੇ ਪਾਸ ਮੇਰੇ ਦੁਆ ਜਹੀ ਰੱਬ ਸੇ ਮਾਂਗੀ ਹੈ