bure dino me bhi hass lete hai ham
saath gar koi na ho to akele chal lete hai ham
बुरे दिनों में भी हंस लेते है हम
साथ गर कोई न हो तो अकेले चल लेते है हम।
bure dino me bhi hass lete hai ham
saath gar koi na ho to akele chal lete hai ham
बुरे दिनों में भी हंस लेते है हम
साथ गर कोई न हो तो अकेले चल लेते है हम।

वो आसमन मै फैला उजाला है,
या मेरे घुस्से पर लगा ताला|
वो पहाडो की चोटी पर सुरज की किरण है,
या जिंदगी सही जिने का आचरण|
वो ना हो तो वर्णमाला अधुरी है,
वो जो सबसे ज्यादा जरुरी है|
डाटता हु तो चुप हो जाती है,
फिर मेरी गोद मै आ कर सिसककर रोती है|
वो मुझसे मेहेंगे तौफे या खिलोने नही चाहती,
वो तो बस कुछ वक्त मेरे साथ बिताना चाहती है|
लोग केहते है बेटिया तो पराया धन होती है,
पर एक बाप से पूछो वो उसके जिनेका मकसद होती है|
बेटीया तो सिर्फ बेटीया होती है|