Akele hain khush hain or akele rehna chahte hain
Kuch baate hain dil me jo hum bhi kisi se kehna chahte hain
Vo roz humare sapno me rehte hain mgar hum
Bhi Unke sapno me rehna chahte hain
Akele hain khush hain or akele rehna chahte hain
Kuch baate hain dil me jo hum bhi kisi se kehna chahte hain
Vo roz humare sapno me rehte hain mgar hum
Bhi Unke sapno me rehna chahte hain
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।
मुश्किल रहा होगा उन खतों✉️ का जवाब, तभी उसे देने से इंकार है..
जवाब तो मेरे लिए खास है, क्यूंकि खतों में प्यार❤️ का इजहार है..
क्या समझूँ उसकी चुप्पी को? ऐतराज है, या उसे भी जरा सा प्यार💙 है..
इस वक्त मेरा दिल कहीं और नहीं लगता, मुझे बस उसकी हां का इंतजार है..