मजबूरी में जब कोई जुदा होता है,
ज़रूरी नहीं कि वो बेवफा होता है,
देकर वो आपकी आँखों में आंसू,
अकेले में आपसे भी ज़्यादा रोता है
मजबूरी में जब कोई जुदा होता है,
ज़रूरी नहीं कि वो बेवफा होता है,
देकर वो आपकी आँखों में आंसू,
अकेले में आपसे भी ज़्यादा रोता है
जा रहा हूं जिंदगी से अब न लौट के आऊंगा
न कोई चिराग अब जलाऊंगा,न कोई अंधेरा मिटाऊंगा
जो रह गई याद तो उसे नदियों में बहाऊंगा
जो मिल गए राहों में तो रस्ता बदल जाऊंगा
बांधा था जिस रिश्ते से वो रिश्ता तोड़ जाऊंगा
नीर भरे नयनों में एक तड़प छोड़ जाऊंगा
कीचड़ ही सही एक दिन कमल बन खिल जाऊंगा
जा रहा हूं जिंदगी से अब न लौट के आऊंगा
Mom se hain gir rahe armaan yun pighal ke
Angaro mein sulagh rahi kuch aag halke halke
Mausam badal rahe palkein bhiga rahe hain
Kuch lamhe beete kal ke kuch lamhe aaj kal ke
मोम से हैं गिर रहे अरमां यूं पिघल के
अंगारों में सुलग रही कुछ आग हल्के हल्के
मौसम बदल रहे पलकें भीगा रहे हैं
कुछ लम्हे बीते कल के कुछ लम्हे आज कल के