मजबूरी में जब कोई जुदा होता है,
ज़रूरी नहीं कि वो बेवफा होता है,
देकर वो आपकी आँखों में आंसू,
अकेले में आपसे भी ज़्यादा रोता है
Enjoy Every Movement of life!
मजबूरी में जब कोई जुदा होता है,
ज़रूरी नहीं कि वो बेवफा होता है,
देकर वो आपकी आँखों में आंसू,
अकेले में आपसे भी ज़्यादा रोता है
दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞
Mohobbt unhi se
kyu hoti hai..
Jinhe hmari kdr nhi hoti..??

