koi vaarda jaan apneya te kai bane jaan de vairi aa
koi dinda sharbat peen nu te koi gholda firda jehraa
ਕੋਈ ਵਾਰਦਾ ਜਾਨ ਆਪਣਿਆਂ ਤੇ ਕਈ ਬਣੇ ਜਾਨ ਦੇ ਵੈਰੀ ਆ
ਕੋਈ ਦਿੰਦਾ ਸ਼ਰਬਤ ਪੀਣ ਨੂੰ ਤੇ ਕੋਈ ਘੋਲਦਾ ਫ਼ਿਰਦਾ ਜ਼ਹਿਰਾਂ
♠ ਸੁਦੀਪ ਮਹਿਤਾ♦
koi vaarda jaan apneya te kai bane jaan de vairi aa
koi dinda sharbat peen nu te koi gholda firda jehraa
ਕੋਈ ਵਾਰਦਾ ਜਾਨ ਆਪਣਿਆਂ ਤੇ ਕਈ ਬਣੇ ਜਾਨ ਦੇ ਵੈਰੀ ਆ
ਕੋਈ ਦਿੰਦਾ ਸ਼ਰਬਤ ਪੀਣ ਨੂੰ ਤੇ ਕੋਈ ਘੋਲਦਾ ਫ਼ਿਰਦਾ ਜ਼ਹਿਰਾਂ
♠ ਸੁਦੀਪ ਮਹਿਤਾ♦
Ishqe de ranga ch khedna e mein
Dua rabb ton har raza ch vi tu howe..!!
Mein jitta teri zindagi hou naam mere
Mein hara te saza ch vi tu Howe..!!
ਇਸ਼ਕੇ ਦੇ ਰੰਗਾਂ ‘ਚ ਖੇਡਣਾ ਏ ਮੈਂ
ਦੁਆ ਰੱਬ ਤੋਂ ਹਰ ਰਜ਼ਾ ‘ਚ ਵੀ ਤੂੰ ਹੋਵੇਂ..!!
ਮੈਂ ਜਿੱਤਾਂ ਤੇਰੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਹੋਊ ਨਾਮ ਮੇਰੇ
ਮੈਂ ਹਾਰਾਂ ‘ਤੇ ਸਜ਼ਾ ‘ਚ ਵੀ ਤੂੰ ਹੋਵੇਂ..!!
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
तुझे पाने की चाहत में, हम सब कुछ खोते चले गए,
मगर फिर भी ऐ मेरे हमनशी, तुम दुर होते चले गए,
अब इससे ज्यादा मेरे हाल को बेहाल क्या करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
मिल गया था मैं तुझे बिन मांगे, तुम कदर भी मेरी क्या करते ,
तुम रूठते हम मना लेते, मगर बदल ही गए हम क्या करते,
मैं लेटू नींद ना आये मुझे, तु भी रात को तारे गिना करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
मैने खूद को ना ऐसे चाहा कभी, जैसे तुझको चाहते चले गए,
मैने देखा खुद को खोते हुए, बस तेरे होते चले गए,
मैंं इतना दूर चला जाऊं, तु घूट घूट आंहे भरा करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
मैने खुदा से ऐसे मांगा उसे, मैं जीता, किस्मत हार गई,
यह “रमन” की महोब्बत की कविता थी, कोई जिस्मो का व्यापार नहीं,
तेरे पीछे खुद को फ़ना कर दू, मेरे गीत भी दुनिया गाया करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
Rami_