koi vaarda jaan apneya te kai bane jaan de vairi aa
koi dinda sharbat peen nu te koi gholda firda jehraa
ਕੋਈ ਵਾਰਦਾ ਜਾਨ ਆਪਣਿਆਂ ਤੇ ਕਈ ਬਣੇ ਜਾਨ ਦੇ ਵੈਰੀ ਆ
ਕੋਈ ਦਿੰਦਾ ਸ਼ਰਬਤ ਪੀਣ ਨੂੰ ਤੇ ਕੋਈ ਘੋਲਦਾ ਫ਼ਿਰਦਾ ਜ਼ਹਿਰਾਂ
♠ ਸੁਦੀਪ ਮਹਿਤਾ♦
koi vaarda jaan apneya te kai bane jaan de vairi aa
koi dinda sharbat peen nu te koi gholda firda jehraa
ਕੋਈ ਵਾਰਦਾ ਜਾਨ ਆਪਣਿਆਂ ਤੇ ਕਈ ਬਣੇ ਜਾਨ ਦੇ ਵੈਰੀ ਆ
ਕੋਈ ਦਿੰਦਾ ਸ਼ਰਬਤ ਪੀਣ ਨੂੰ ਤੇ ਕੋਈ ਘੋਲਦਾ ਫ਼ਿਰਦਾ ਜ਼ਹਿਰਾਂ
♠ ਸੁਦੀਪ ਮਹਿਤਾ♦
Tadap pachanan jinna kise di
Yaad ch mar mar akh bhari..!!
Peedh vi jarn jionde jee marn
Mohobbat jinni dilon Kari..!!
ਤੜਪ ਪਛਾਨਣ ਜਿੰਨਾਂ ਕਿਸੇ ਦੀ
ਯਾਦ ‘ਚ ਮਰ ਮਰ ਅੱਖ ਭਰੀ..!!
ਪੀੜ ਵੀ ਜਰਨ ਜਿਓੰਦੇ ਜੀਅ ਮਰਨ
ਮੋਹੁੱਬਤ ਜਿੰਨੀ ਦਿਲੋਂ ਕਰੀ..!!
मयकदे में बैठ कर जाम इश्क़ के पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
मोहब्बत भी कि, वफा भी रास आई,
थामा जब हाथ उसका तो जैसे ज़िन्दगी पास आई…
बंद आंखों में एहसासों को जी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
इश्क़ दिल से किया कलम से दास्तां लिखा,
मै ज़मीन पर सही उसे आसमां लिखा,
कुछ बिखरे लम्हों को पलकों के धागों से सी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
नजदीकियों का डर है, थोड़ा गुमराह हूं,
ना जाने धड़कने क्यों तेज़ है, मै भी तो हमराह हूं,
लग रहा है मै भवरा बन फूलों से खुशबू पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
सुबह कुछ दस्तक दी शाम को वो लम्हें चल दिए,
वक्त की बंदिशें थी हम भी उनके पीछे चल दिए…
अगली सुबह के इंतज़ार में वक्त का दरिया पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों अब मै ख़्वाबों को जी रहा हूं…