
Meri rooh nu laggi sajjna esi Ishq tere di aadat..!!
Enjoy Every Movement of life!

Kya karein is raat ka jismein andhere se jada uski yadein basi hui hain💔
क्या करे इस रात का जिसमें अंधेरे से ज्यादा उसकी यादें बसी हुई हैं 💔
ज़िन्दगी सीधे साधे चलना ठीक नही
उबड़ खाबड़ पड़ाव भी जरूरी है,
तैरते तैरते बाजू थक जाएंगे
एक पल के लिए नाव भी जरूरी है,
बदलाव भी जरूरी
ये घाव भी जरूरी है,
इतनी धूप अच्छी नेही
थोड़ी छांव भी जरूरी है..!
हद-ए-शहर से निकली तो,
गांव-गांव चली..
कुछ यादें मेरे संग,
पांव-पांव चली..!
सफर जो धूप का किया तो,
तजुर्बा हुआ..
वो ज़िन्दगी ही क्या जो,
छांव-छांव चली..!!