
Chup rahan te bas fer kujh na bola..!!
Jinna akhiyan ch sajjna rehnda e tu
Dil kare mein kade oh akhiyan na khola..!!

apni sakhshiyat baare khud raye banao te apne parshanshak khud bano
kyuki tusi hi apne baare jande ho
baki sirf andaaze hi lgaa sakde ho
ਆਪਣੀ ਸਖਸ਼ੀਅਤ ਬਾਰੇ ਖੁਦ ਰਾਇ ਬਣਾਉ ਤੇ ਆਪਣੇ ਪ੍ਰਸ਼ੰਸਕ ਖੁਦ ਬਣੋ,
ਕਿਉਂਕਿ ਤੁਸੀਂ ਹੀ ਆਪਣੇ ਬਾਰੇ ਜਾਣਦੇ ਹੋ
ਬਾਕੀ ਸਿਰਫ ਅੰਦਾਜ਼ੇ ਹੀ ਲਗਾ ਸਕਦੇ ਹਨ।
ਹਰਸ✍️
ये साफ सफाई की बात नहीं, कोरोना ने लिखी खत।
इधर उधर थुकना मत।
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गंगा की गोद में चलती है नाव, मृत शरीर भी।
समय का गोद में खिलती है सभ्यता और जंगली जानवर का अँधा बिस्वास भी।
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बचपन मासूम कली।
फल बनना और बड़ा होना- काला दाग में अशुद्ध कलि।
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कीचड़ में भी कमल खिलता है।
अच्छे घर में भी बिगड़ा हुआ बच्चा पैदा होते है।
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इंसान का अकाल नहीं, इंसानियत की अकाल है।
डॉक्टर (सेवा) के अकाल नहीं, वैक्सीन (व्यवस्था) का अकाल है।
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कुत्ते समझते है के कौन इंसान और कौन जानवर है।
बो इंसान को देख के पूंछ हिलाते है और जानवर को देख के भूँकते है।
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जीविका से प्यारा है जिंदगी।
अगर साँस बंद है तो कैसे समझेंगे रोटी की कमी।