Title: aksar
aksar was last modified: October 12th, 2016 by Gagan
रूठना खफा रहना ये वफा नही होती
चाहतों में लोगो से क्या खता नही होती
सबको एक जैसा क्यू समझने लगते हो
क्योंकि सारी दुनिया तो बेवफा नहीं होती
हर किसी से यारी हर किसी से वायदे
प्यार करने वालो में ये अदा नहीं होती
बे-नकाब चेहरे भी एक हिजाब रखते है
सिर्फ सात परिंदो में तो हया नही होती
सबकुछ खो दिया उसके प्यार में हमने
क्या ये भी चाहत की इंतेहा नही होती💯🙃
Sanu pgl Hon da ehsaas kra gye
Eh aitbaar na tutte sajjna da🙃..!!
Ehsan kde na bhullange
Dil tod ke sutte sajjna da💔..!!
ਸਾਨੂੰ ਪਾਗ਼ਲ ਹੋਣ ਦਾ ਅਹਿਸਾਸ ਕਰਾ ਗਏ
ਇਹ ਇਤਬਾਰ ਨਾ ਟੁੱਟੇ ਸਜਣਾ ਦਾ🙃..!!
ਅਹਿਸਾਨ ਕਦੇ ਨਾ ਭੁੱਲਾਂਗੇ
ਦਿਲ ਤੋੜ ਕੇ ਸੁੱਤੇ ਸੱਜਣਾ ਦਾ💔..!!