Ambraa de taare dasde haa kahani saaddi
ki mohobat adhoori nikali ruhaani saaddi
ਅੰਬਰਾਂ ਦੇ ਤਾਰੇ ਦਸਦੇ ਹਾਂ ਕਹਾਣੀ ਸ਼ਾਡੀ❤️
ਕੀ ਮਹੋਬਤ ਅਧੂਰੀ ਨਿਕਲੀ ਰੁਹਾਨੀਂ ਸ਼ਾਡੀ 🤫
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Ambraa de taare dasde haa kahani saaddi
ki mohobat adhoori nikali ruhaani saaddi
ਅੰਬਰਾਂ ਦੇ ਤਾਰੇ ਦਸਦੇ ਹਾਂ ਕਹਾਣੀ ਸ਼ਾਡੀ❤️
ਕੀ ਮਹੋਬਤ ਅਧੂਰੀ ਨਿਕਲੀ ਰੁਹਾਨੀਂ ਸ਼ਾਡੀ 🤫
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
ये साफ सफाई की बात नहीं, कोरोना ने लिखी खत।
इधर उधर थुकना मत।
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गंगा की गोद में चलती है नाव, मृत शरीर भी।
समय का गोद में खिलती है सभ्यता और जंगली जानवर का अँधा बिस्वास भी।
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बचपन मासूम कली।
फल बनना और बड़ा होना- काला दाग में अशुद्ध कलि।
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कीचड़ में भी कमल खिलता है।
अच्छे घर में भी बिगड़ा हुआ बच्चा पैदा होते है।
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इंसान का अकाल नहीं, इंसानियत की अकाल है।
डॉक्टर (सेवा) के अकाल नहीं, वैक्सीन (व्यवस्था) का अकाल है।
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कुत्ते समझते है के कौन इंसान और कौन जानवर है।
बो इंसान को देख के पूंछ हिलाते है और जानवर को देख के भूँकते है।
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जीविका से प्यारा है जिंदगी।
अगर साँस बंद है तो कैसे समझेंगे रोटी की कमी।
ਓਹ ਏਣਾ ਚਲਾਕ ਸੀ ਓਹਣੇ ਹਰ ਗਲ਼ ਤੇ ਦਿਮਾਗ ਲਾਇਆ
ਗੱਲਾਂ ਗੱਲਾਂ ਵਿੱਚ ਹੀ ਓਹਣੇ ਕਈ ਵਾਰ ਮੈਨੂੰ ਅਜ਼ਮਾਇਆ
ਏਹ ਚਲਾਕੀਆਂ ਓਹਦੀਆਂ ਦਾ ਕੀ ਕੇਹਣਾ
ਕਰ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਓਹਦੇ ਤੇ ਮੈਂ ਹਰ ਵਾਰ ਧੋਖਾ ਖਾਇਆ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷