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Asi fir ik ho jaana || ruhani duniyaa shayari

Je ithe nahi taa mili mainu ruhaani duniyaa vich
me padeyaa si othe mohobat poori hundi e eh kitaaba vich
me siweyaa vich intezaar karanga tera
asi fir ik ho jaana ee har janamaa vich

ਜੇ ਇਥੇ ਨਹੀਂ ਤਾਂ ਮਿਲੀ ਮੈਨੂੰ ਰੁਹਾਨੀਂ ਦੁਨੀਆਂ ਵਿੱਚ
ਮੈਂ ਪੜੇਆ ਸੀ ਓਥੇ ਮਹੋਬਤ ਪੂਰੀ ਹੁੰਦੀ ਐਂ ਏਹ ਕਿਤਾਬਾਂ ਵਿੱਚ
ਮੈਂ ਸਿਵਿਆਂ ਵਿੱਚ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਕਰਾਂਗਾ ਤੇਰਾਂ
ਅਸੀਂ ਫਿਰ ਇੱਕ ਹੋਜਾਣਾ ਐਂ ਹਰ ਜਨਮਾ ਵਿਚ

—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷

Title: Asi fir ik ho jaana || ruhani duniyaa shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


DILAAN DI KHED

Even jaan di hond gwaa baithan dilaan di khed ch

Even jaan di hond gwaa baithan
dilaan di khed ch



Maa || hindi poetry || sad but true

मैं ये सोचता हूं मेरा हाल क्या होगा
जब मेरी मां का इंतकाल होगा
अभी तक मैने कोई फर्ज पूरा नहीं किया
अभी तक कोई उसका कोई कर्ज पूरा नहीं किया
मेरे पास अभी वक्त ही नही है
पर वो मुझसे सख्त भी नही है
वो मंजर कैसे देखूंगा
वो बदनसीबी का साल होगा
मेरी मां का जब इंतकाल होगा
ऐ खुदा बस इतनी सी दुआ है मेरी
खुश रहे जब तक मां है मेरी
मैं उस जन्नत में खो जाना चाहता हूं
अपनी मां के आंचल में सो जाना चाहता हूं
ये दौलत नही मैं प्यार लेना चाहता हूं
उससे आशीष को उधार लेना चाहता हूं
मैं पैसे का क्या करूंगा ये माल क्या होगा
जब मेरी मां का इंतकाल होगा
ऐसे खामोश रहूंगा तो वक्त बीत जायेगा
वो बूढ़ी हो जायेगी बुढ़ापा जीत जायेगा
जब तक जिंदा है पूजा करना चाहता हूं
और कोई ना दूजा करना चाहता हूं
अभी भी वक्त है ले लो आशीष को
वरना जीवन भर तुमको मलाल होगा
मैं ये सोचता हूं मेरा हाल क्या होगा
मेरी मां का जब इंतकाल होगा

Title: Maa || hindi poetry || sad but true