Ik tara zameen te ikalla reh gya
ambraan de tareyaan nu ginda reh gya
ਇਕ ਤਾਰਾ ਜ਼ਮੀਨ ਤੇ ਇਕੱਲਾ ਰਹਿ ਗਿਆ
ਅੰਬਰਾਂ ਦੇ ਤਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਗਿਣਦਾ ਰਹਿ ਗਿਆ
Ik tara zameen te ikalla reh gya
ambraan de tareyaan nu ginda reh gya
ਇਕ ਤਾਰਾ ਜ਼ਮੀਨ ਤੇ ਇਕੱਲਾ ਰਹਿ ਗਿਆ
ਅੰਬਰਾਂ ਦੇ ਤਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਗਿਣਦਾ ਰਹਿ ਗਿਆ
मुकर्रर वही सवाल।
क्या अहमियत रखता हूँ आपकी ज़िंदगी में ?
सुनो।
सोने से पहले और जागने के बाद , मेरा पहला ख़याल हो तुम,
बग़ैर देखे भी तुम्हें पाने की चाह बढ़ते जाना, मेरा ऐसा पहला प्यार हो तुम।
जिसका जवाब देते वक्त पलकें झुक जाए , वो सवाल हो तुम।
और जिसका सिर्फ़ नाम सुनकर ही होंठों पर मुस्कान चा जाए , सच पूछो तो पहले ऐसे इंसान हो तुम।
तो आज के बाद मत पूछना की मेरे लिए कितने ख़ास हो तुम।❤️