
barhe saambe te barhe shadde ne
ajnabi vi dil vich vassaye sajjna
te aapne vi dil cho kadde ne

woh jo be-wajah bani
use pata hai wajah meri maut ki
ਵੋਹ ਜੋ ਵਜਹ ਬੇ-ਵਜਹ ਬਣੀ
ਉਸੇ ਪਤਾ ਹੈ ਵਜਹ ਮੇਰੀ ਮੋਤ ਕੀ
खो गई थी धड़कनें जो कहीं
वो वापस ले आया हूं मैं,
थोड़ी ठीक है थोड़ी ज़ख्मी हैं
फिर भी वापस ले आया हूं मैं,
क्या बातें थी याद करो तो दिल बैठ गया,
कदम लड़खड़ाते रहे, वो पल याद आते रहे,
आज बहकते बहकते ही सही,
खुद को वापस ले आया हूं मैं,
हाथ ज़ख्मों पर हैं,
और ज़ख्म धड़कनों पर,
बाजी पलटती रही,
हम धड़कनें लगाते रहे ज़ख्मों पर,
थोड़ी देर और सही,
आज शाम नहीं कल की सवेर सही,
घर तो लौट आया हूं मैं,
देखो खुदको वापस ले आया हूं मैं.....