jaroorat si pyaar di
yaar guwaach ho gaye
labhde labhde dil da haani
asi apne aap ton guwaach gaye
ਜ਼ਰੂਰਤ ਸੀ ਪਿਆਰ ਦੀ
ਯਾਰ ਗੁਆਚ ਹੋ ਗਏ
ਲੱਭਦੇ ਲੱਭਦੇ ਦਿਲ ਦਾ ਹਾਣੀ
ਅਸੀਂ ਆਪਣੇ ਆਪ ਤੋਂ ਗੁਆਚ ਹੋ ਗਏ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ
jaroorat si pyaar di
yaar guwaach ho gaye
labhde labhde dil da haani
asi apne aap ton guwaach gaye
ਜ਼ਰੂਰਤ ਸੀ ਪਿਆਰ ਦੀ
ਯਾਰ ਗੁਆਚ ਹੋ ਗਏ
ਲੱਭਦੇ ਲੱਭਦੇ ਦਿਲ ਦਾ ਹਾਣੀ
ਅਸੀਂ ਆਪਣੇ ਆਪ ਤੋਂ ਗੁਆਚ ਹੋ ਗਏ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ

रूप था उसका बहुत विशाल, राक्षस था वो बहुत भारी..
नाम था दशानन उसका, बुद्धि न जिसकी किसी से हारी..
हर कोई डरता था उससे, हो देव, दैत्य, चाहे नर-नारी..
प्रकोप था जिसका लोकों में, धरती कांपती थी सारी..
देखके ताकत को उसकी, भागे खड़े पैर बड़े बाल-धारी..
विशाल साम्राज्य पर उसके, भारी पड़ गई बस एक नारी..
घमंड को उसके चूर कर दिया, कहा समझ ना तू निर्बल नारी..
विधवंश का तेरे समय आ गया, ले आ गयी देख तेरी बारी..
लंका में बचेगा ना जीव कोई, मति जो गई तेरी मारी..
आराध्य से मेरे दूर कर दिया, भुगतेगी तेरी पीढी सारी..
रघुनंदन आए कर सागर पार, आए संग वानर गदा धारी..
एक-एक कर सबको मोक्ष दिया, सियाराम चरण लागी दुनिया सारी..