जहान-ए-दिल पे हुकूमत तुम्हे मुबारक हो
रही शिकस्त तो वो अपने नाम कर लूँगा🙃
तुम्हारी जुल्फ के साये में शाम कर लूँगा
सफ़र इस उम्र का पल में तमाम कर लूँगा❤️
नजर मिलाई तो पूछूंगा इश्क का अंजाम
नजर झुकायी तो खाली सलाम कर लूँग 🙏💯
जहान-ए-दिल पे हुकूमत तुम्हे मुबारक हो
रही शिकस्त तो वो अपने नाम कर लूँगा🙃
तुम्हारी जुल्फ के साये में शाम कर लूँगा
सफ़र इस उम्र का पल में तमाम कर लूँगा❤️
नजर मिलाई तो पूछूंगा इश्क का अंजाम
नजर झुकायी तो खाली सलाम कर लूँग 🙏💯
ਸ਼ਿਕਾਇਤ ਤਾਂ ਖੁਦ ਨਾਲ ਆ, ਪਰ ਮੁਹੱਬਤ ਤਾਂ ਅੱਜ ਵੀ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਆ |🥰❤️
Sikayat ta khud nall aa, par mohabat ta Aaj ve tere naal aa|🥰❤️
किसान कविता
बूँद बूँद को तरसे जीवन,
बूँद से तड़पा हर किसान
बूँद नही हैं कही यहाँ पर
गद्दी चढ़े बैठे हैवान.
बूँद मिली तो हो वरदान
बूँद से तरसा हैं किसान
बूँद नही तो इस बादल में
देश का डूबा है अभिमान
बूँद से प्यासा हर किसान
बूँद सरकारों का फरमान
बूँद की राजनीति पर देखों
डूब रहा है हर इंसान.
देव चौधरी