Zara si baat par na chod apno ka daman✖️
Kyunki zindagi beet jati hai apno ko apna banane mein ✌️
जरा सी बात पर न छोड़ अपनों का दामन, ✖️
क्योंकि जिंदगी बीत जाती है अपनों को अपना बनाने में।✌️
Zara si baat par na chod apno ka daman✖️
Kyunki zindagi beet jati hai apno ko apna banane mein ✌️
जरा सी बात पर न छोड़ अपनों का दामन, ✖️
क्योंकि जिंदगी बीत जाती है अपनों को अपना बनाने में।✌️
A fake smile can hide millions of tears…
मरहम घाव ढूंढ रहे हैं, पत्ते छांव ढूंढ रहे हैं,
मंजिलें थोड़ी दूर हैं, रास्ते पांव ढूंढ रहे हैं...
गुमराह करने वालों की भीड़ बहुत बड़ी है
वहां मत जाना वो चलने को बस दाव ढूंढ रहे हैं...
बेच देंगे वो सरकारें भी इक दिन
मिलने का सही भाव ढूंढ रहे हैं...
बेगुनाहों को बेजान करना आदत है इनकी
बस, मूंछों को देने के लिए झूठा ताव ढूंढ रहे
हैं...