मत ढूँढ़ो मुझे दुनिया की तन्हाई में
ठंड बहुत है मैं यही हूँ अपनी रज़ाई में।
Enjoy Every Movement of life!
मत ढूँढ़ो मुझे दुनिया की तन्हाई में
ठंड बहुत है मैं यही हूँ अपनी रज़ाई में।
पी 🍻 लेंगे हम तुम्हारे हर एक अश्क ,
कभी अपनी महफ़िल 🌆 में हमे बैठाकर तो देखो …
भाभी कहोगे तुम खुदकी 👩 गर्ल फ्रैंड को ,
कभी उसे हमसे मिलाकर तो देखो … ।। 😝😝
एक बचपन का जमाना था
जहाँ खुशियों का खजाना था
चाहत चांद को पाने कि थी
पर दिल तितली का दिवाना था
ना खबर अपनी थी
ना शाम का ठिकाना था
माँ की कहानी थी
परियों का फसाना था
क्यो हो गए आज हम इतने बड़े
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था❤️