मत ढूँढ़ो मुझे दुनिया की तन्हाई में
ठंड बहुत है मैं यही हूँ अपनी रज़ाई में।
Enjoy Every Movement of life!
मत ढूँढ़ो मुझे दुनिया की तन्हाई में
ठंड बहुत है मैं यही हूँ अपनी रज़ाई में।
समंदर सी उसकी आंखें थी, डूबा तो किनारा खो गया..
दिल मेरा जंगल का शेर सा था, लहरों में बेचारा रो गया..
शुक्र है वहां कश्ती मिली मुझे, कश्ती से सहारा हो गया..
बाहर आया जब उसकी आँखों से, उसके इश्क का मारा हो गया..
raati supne ch me aapni maut dekhi
tu nazar ni aaeya mainu ron aaeleyaa ch
ਰਾਤੀ ਸੁਪਨੇ ਚ ਮੈਂ ਆਪਣੀ ਮੌਤ ਦੇਖੀ👀
ਤੂੰ ਨਜ਼ਰ ਨੀ ਆਇਆ ਮੈਨੂੰ ਰੋਣ ਆਲਿਆ ਚ😭