मत ढूँढ़ो मुझे दुनिया की तन्हाई में
ठंड बहुत है मैं यही हूँ अपनी रज़ाई में।
Enjoy Every Movement of life!
मत ढूँढ़ो मुझे दुनिया की तन्हाई में
ठंड बहुत है मैं यही हूँ अपनी रज़ाई में।
कुछ ख्वाहिशें तो कुछ नुमाहिशें हैं, चेहरे पर मुस्कुराहट फिर भी आंखों में बरिशें हैं न जाने कहां रूठ कर बैठा है वक्त मुझसे क्योंकि आज भी उसको पाने की खुदा से गुजारिशें हैं।
Asi ki laina is duniyaa ton
jad saaddi duniyaa hi tu e
ਅਸੀਂ ਕੀ ਲੈਣਾ ਇਸ ਦੁਨੀਆਂ ਤੋਂ;
ਜਦ ਸਾਡੀ ਦੁਨੀਆਂ ਹੀ ਤੂੰ ਏ..