Thoda sa chhup chhup kar khud ke liye bhi ji liya karo
koi nahi kahega k thak gaye ho araam karo
थोड़ा सा ..छुप छुप कर खुद के लिये भी जी लिया करो ..
कोई नही कहेगा कि थक गये हो आराम करों..
Thoda sa chhup chhup kar khud ke liye bhi ji liya karo
koi nahi kahega k thak gaye ho araam karo
थोड़ा सा ..छुप छुप कर खुद के लिये भी जी लिया करो ..
कोई नही कहेगा कि थक गये हो आराम करों..
एक लड़की से मैं बहुत प्यार करता हु ।
ऐसे मिलो तो बड़ी सख्त बनती है
पर दिल से बड़ी बच्ची है
दिन भर उलझी रहती है वो बात तक नहीं करती
पर जब वो बात कर अपने इश्क में और पागल कर देती है
फिर बोले जो जो वो मैं भी वो वो करता हु
एक लड़की से मैं भी बहुत प्यार करता हु ।
दिल की बाते अपनी बताती नही है
मोहब्बत अपनी जताती नही है
अपने ख्वाबों से है प्यार उसे
पर मेरी जगह किसी को बिठाती नही है
वो जब जब मुस्कुराती है
एक सुरूर सा छा जाता है
उस जैसा होगा कहां कोई
मैं उसकी हर बात से प्यार करता हूं
एक लड़की से मैं भी प्यार करता हूं।
कॉलेज तक हम पर ना पढ़ाई की जिम्मेदारी रहती है , और उसके बाद घर की जिम्मेदारी आ जाती है । अपने सपनो को रख कर एक तरफ , अपनो के सपनो को पूरा करने की जिम्मेदारी आती है । क्या करे कोई अगर लाखो की भीड़ में एक शख्स अच्छा लगे , तो उसे भी ठुकराना पड़ता है । प्यार व्यार सब अच्छा नही यही बताकर दिल को अपने मनाना पड़ता है , कभी पढ़ाई की तो कभी घर की जिम्मेदारी से दिल उदास भी हो तो सामने रह कर सबके चेहरे से तो मुस्कुराना पड़ता है । हर किसी को परेशानी अपनी खुद ही पता होती है , वरना दूसरो को खुश चेहरा ही दिखता है । खुद के अलावा किसी को क्या पता की कोन रोज यहां कितनी मुश्किलों में उलझता सा है , छोटा मोटा काम करके घर का खर्चा निकालना होता है । कभी कभी नौबत ऐसी आती है की दस या पंद्रह हजार में , महीना सारा संभालना पड़ता है । यहां से वहा से ले लेकर बच्चो की ख्वाईशे भी पूरी करनी पड़ती है , कोई साथ नही देता यार यहां जिंदगी की ये लड़ाई खुद ही लड़नी पड़ती है ।