कभी तो मेरी रूह को, कहीं ना कहीं जाकर सुकून मिलेगा..
फिर से जिंदगी को खुशियों से जीलूँ, ऐसा कोई जुनून मिलेगा..
ना जाने उस वक्त के इंतजार में कितने और लम्हे बिताने हैं..
चाह मैं जिसकी हाथों में लगा, मेरे अरमानों का खून मिलेगा..
कभी तो मेरी रूह को, कहीं ना कहीं जाकर सुकून मिलेगा..
फिर से जिंदगी को खुशियों से जीलूँ, ऐसा कोई जुनून मिलेगा..
ना जाने उस वक्त के इंतजार में कितने और लम्हे बिताने हैं..
चाह मैं जिसकी हाथों में लगा, मेरे अरमानों का खून मिलेगा..
Na jee bhar ke dekha na kuch baat ki
Badi aarzoo thi mulakat ki 💔
न जी भर के देखा न कुछ बात की,
बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की।💔
uske ghar ko jati rah par khade hai,
lakeero ko uski tanke khade hai…!
kuchh kar khuda ki mujhe sabr a jaye;
hisse mere mahhobat ya kabr a jaye..!
उसके घर को जाती राह पे खड़े है,
लकीरों को उसकी टांके खड़े है,
कुछ कर खुदा कि मुझे सब्र आ जाती..!
हिस्से मेरे महोब्बत या कब्र आ जाए ..!