कभी तो मेरी रूह को, कहीं ना कहीं जाकर सुकून मिलेगा..
फिर से जिंदगी को खुशियों से जीलूँ, ऐसा कोई जुनून मिलेगा..
ना जाने उस वक्त के इंतजार में कितने और लम्हे बिताने हैं..
चाह मैं जिसकी हाथों में लगा, मेरे अरमानों का खून मिलेगा..
कभी तो मेरी रूह को, कहीं ना कहीं जाकर सुकून मिलेगा..
फिर से जिंदगी को खुशियों से जीलूँ, ऐसा कोई जुनून मिलेगा..
ना जाने उस वक्त के इंतजार में कितने और लम्हे बिताने हैं..
चाह मैं जिसकी हाथों में लगा, मेरे अरमानों का खून मिलेगा..
donon jaanate hai ke,
ham nahin ek-doosare ke naseeb mein,
phir bhee mohabbat din-ba-din be-panaah hotee ja rahee hai.
दोनों जानते है के, हम नहीं एक-दूसरे के नसीब में,
फिर भी मोहब्बत दिन-ब-दिन बे-पनाह होती जा रही है..
Vo haseen hai, vo saadgi pasand hai ❤️
Payal nahi, use kala dhaga pasand hai 💕
Pasand hai use, mujhe har baar jeetna 😊
Mujhe na khona bhi uski pasand hai 🥰
Mujhe ruthna pasand hai, use manana pasnd hai….🥀
वो हसीन है, वो सादगी पसंद है,❤️
पायल नहीं, उसे काला धागा पसंद है,💕
पसंद है उसे, मुझे हर बार जीतना,😊
मुझे ना खोना भी उसकी पसंद है,🥰
मुझे रूठना पसंद है, उसे मनाना पसंद है….🥀