
samundar khali hi to hai
tujhe har pal yaad karna
meri bekhyali hi to hai
tha jha kehna wha keh na
paya umar bhar
kagjo par yun shayari
likhna ki bejubani hi to hai

*मनुष्य की फितरत:-*
*प्रार्थना करते समय समझता है कि भगवान सुन रहा है लेकिन निंदा करते समय ये भूल जाता है*
*पुण्य करते समय समझता है कि भगवान देख रहा है लेकिन पाप करते समय ये भूल जाता है*
*दान करते समय समझता है कि भगवान सब में बसता है लेकिन चोरी करते समय ये भूल जाता है*
*प्रेम करते समय समझता है कि पूरी दुनिया भगवान ने बनाई है लेकिन नफरत करते समय यही बात भूल जाता है!!*
🌵🌵🌵🌵🌵🌵
Ab mohabbat hai ya nafrat isse mat jataya Karo Baat ko Karo khatam, Jo Dil mae hai Usse zuban pe laya karo
अब मोहब्बत है या नफ़रत इससे मत जताया करो
बात को करो ख़तम, जो दिल में है उससे ज़ुबान पे लाया करो