ਹੁਣ ਆਸ਼ਿਕਾ ਦੇ ਮਸਲੇ ਤੋਂ ਦੂਰ ਰਹਿੰਦਾ ..!!
ਫੱਠ ਭਰੇ ਨਹੀਓ ਜਾਂਦੇ ਦਿੱਤੇ ਧੋਖਵਾਜਾ ਦੇ ..!!
Hun Ashiqa De Masle to Door rahida
Fatth bhre nahio jande dite dhokebaza de
ਹੁਣ ਆਸ਼ਿਕਾ ਦੇ ਮਸਲੇ ਤੋਂ ਦੂਰ ਰਹਿੰਦਾ ..!!
ਫੱਠ ਭਰੇ ਨਹੀਓ ਜਾਂਦੇ ਦਿੱਤੇ ਧੋਖਵਾਜਾ ਦੇ ..!!
एक बार अकबर और बीरबल बागीचे में बैठे थे। अचानक अकबर ने बीरबल से पूछा कि क्या तुम किसी ऐसे इन्सान को खोज सकते हो जिसमें अलग-अलग बोली बोलने की खूबी हों?
बीरबल ने कहा, क्यों नहीं, मै एक आदमी जानता हूँ जो तोते की बोली बोलता है, शेर की बोली बोलता है, और गधे की बोली भी बोलता है। अकबर इस बात को सुन कर हैरत में पड़ गए। उन्होने बीरबल को कहा किअगले दिन उस आदमी को पेश किया जाये।
बीरबल उस आदमी को अगले दिन सुबह दरबार में ले गए। और उसे एक छोटी बोतल शराब पीला दी। अब हल्के नशे की हालत में शराबी अकबर बादशाह के आगे खड़ा था। वह जानता था की दारू पी कर आया जान कर बादशाह सज़ा देगा। इस लिए वह गिड़गिड़ाने लगा। और बादशाह की खुशामत करने लगा। तब बीरबल बोले की हुज़ूर, यह जो सज़ा के डर से बोल रहा है वह तोते की भाषा है।
उसके बाद बीरबल ने वहीं, उस आदमी को एक और शराब की बोतल पिला दी। अब वह आदमी पूरी तरह नशे में था। वह अकबर बादशाह के सामने सीना तान कर खड़ा हो गया। उसने कहा कि आप नगर के बादशाह हैं तो क्या हुआ। में भी अपने घर का बादशाह हूँ। मै यहाँ किसी से नहीं डरता हूँ।
बीरबल बोले कि हुज़ूर, अब शराब के नशे में निडर होकर यह जो बोल रहा है यह शेर की भाषा है।
अब फिर से बीरबल ने उस आदमी का मुह पकड़ कर एक और बोतल उसके गले से उतार दी। इस बार वह आदमी लड़खड़ाते गिरते पड़ते हुए ज़मीन पर लेट गया और हाथ पाँव हवा में भांजते हुए, मुंह से उल-जूलूल आवाज़ें निकालने लगा। अब बीरबल बोले कि हुज़ूर अब यह जो बोल रहा है वह गधे की भाषा है।
अकबर एक बार फिर बीरबल की हाज़िर जवाबी से प्रसन्न हुए, और यह मनोरंजक उदाहरण पेश करने के लिए उन्होने बीरबल को इनाम दिया।
Kaash tere te mere yaari hundi Har cheez he kini pyari hundi Tu hasdi sab kuch khid janda Tu rove te shayer mar janda Tenu kol mere he rakh lenda Je Sadi rab naal yaari hundi Har cheez he koni pyari hundi………. M tenu Milan layi onda je Tu hath fad k kol betha lendi Fer Galla Galla vich menu Tu sine tere la lendi Hyee kina sona vo pal hunda Kini Soni jadi zindgani hundi Har cheez he koni pyari hundi……… Tu faddni jad mere baah rakane Rukne mere saah rakane Tu matha na mere chum laye M mar Jana usse tha rakane Je Ishq nu hr koi mn lenda Ae duniya kini pyari hundi Har cheez he kini pyari hundi ()