Raatan || ajh v tainu udeek reha || poetry

लम्बीया राता यार दा विछोड़ा
मुंडेर ते बैठा है
एक जंगली कबूतरा दा जोड़ा
कर रहा गुटरगूं, गुटरगूं
जाने तू की कर रहा

दूर चिनारा ते विखरी है चांदनी
ते वेढा सादा महक रहा
रात दी रानी गुनगुना रही
दिल उदास मेरा तू ना आया
चित तेनु उडीक रहा

झींगुर ने छेड़ दिति तान
हव्वा वी पत्त्या नु ताल दे रही है
सीने दी धड़कन वी वड रही सरपट
गूंजी पपीहे दी पीहू-पीहू
नाल मेरे दिल दी पुकार
पर तू ना आया चित तेनु उडीक रहा

आँखा ते स्याह आसमान भरके
पूरी रात तारयां दे जोड़े बनाए
कित्ते कोई तारा टूटयां
चंद कल्ला रह गया
जीवे मैं तेरे बिन अधूरा रह रही

ऐवी गम दी रात गुजर जानी है
याद तेरी नाल सदा रह जानी है
याद वी नही हुंडी ते की करदे
हर्ष किवे होक्के भरदे
फेर वी तेनु पौन नु मन्नत मंग रही
चित रह रह के आज वी तेनु उडीक रही

Title: Raatan || ajh v tainu udeek reha || poetry

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Khed jazbatan naal || sad Punjabi status || true line shayari

Dilaseyan jeheyan naal evein taleyan na kar..!!
Hnju kise nu de khushiyan tu bhaleya na kar..!!
Pyar nahi e ta Na kar lazmi taa nhi
Khed jazbatan naal dilan nu uchaleya Na kar..!!

ਦਿਲਾਸਿਆਂ ਜਿਹਿਆਂ ਨਾਲ ਐਵੇਂ ਟਾਲਿਆ ਨਾ ਕਰ..!!
ਹੰਝੂ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਦੇ ਖੁਸ਼ੀਆਂ ਤੂੰ ਭਾਲਿਆ ਨਾ ਕਰ..!!
ਪਿਆਰ ਨਹੀਂ ਏ ਤਾਂ ਨਾ ਕਰ ਲਾਜ਼ਮੀ ਤਾਂ ਨਹੀਂ
ਖੇਡ ਜਜ਼ਬਾਤਾਂ ਨਾਲ ਦਿਲਾਂ ਨੂੰ ਉਛਾਲਿਆ ਨਾ ਕਰ..!!

Title: Khed jazbatan naal || sad Punjabi status || true line shayari


MUKKADAR | KISMAT SHAYARI

kismat punjabi shayari | ki likhiyaa kise mukkadhar c hathan diyaan chaar lakiraan da me dard nu kaba keh baitha te rabb naa rakh baitha peedha da

ki likhiyaa kise mukkadar c
hathan diyaan chaar lakiraan da
me dard nu kaba keh baitha
te rabb naa rakh baitha peedha da