Asi gharo gareeb ho sakde aa
par dil to nahi
ਅਸੀ ਘਰੋ ਗਰੀਬ ਹੋ ਸਕਦੇ ਆ..
ਪਰ ਦਿਲ ਤੋਂ ਨਹੀਂ..❤️
ਹਰਸ✍️
Asi gharo gareeb ho sakde aa
par dil to nahi
ਅਸੀ ਘਰੋ ਗਰੀਬ ਹੋ ਸਕਦੇ ਆ..
ਪਰ ਦਿਲ ਤੋਂ ਨਹੀਂ..❤️
ਹਰਸ✍️
बारी – बारी सब चले गए,
पर तुम हाथ थामें रखना।
मेरी जो कुछ भी बची है वो,
उम्मीदों को संभाल कर रखना।
माना थोड़ी जिद्दी हूं मैं,
तुम मेरी जिद्द को पूरा करना।
बारी – बारी सब चले गए,
पर तुम हाथ थामें रखना।
दोस्त बन कर भी नहीं साथ निभाने वाला
वही अंदाज़ है ज़ालिम का ज़माने वाला
अब इसे लोग समझते हैं गिरफ्तार मेरा
सख्त नदीम है मुझे दाम में लाने वाला
क्या कहें कितने मरासिम थे हमारे इस से
वो जो इक शख्स है मुंह फेर के जाने वाला
मुन्तज़िर किस का हूँ टूटी हुई दहलीज़ पे मैं
कौन आएगा यहाँ कौन है आने वाला
मैंने देखा है बहारों में चमन को जलते
है कोई ख्वाब की ताबीर बताने वाला