Asi gharo gareeb ho sakde aa
par dil to nahi
ਅਸੀ ਘਰੋ ਗਰੀਬ ਹੋ ਸਕਦੇ ਆ..
ਪਰ ਦਿਲ ਤੋਂ ਨਹੀਂ..❤️
ਹਰਸ✍️
Enjoy Every Movement of life!
Asi gharo gareeb ho sakde aa
par dil to nahi
ਅਸੀ ਘਰੋ ਗਰੀਬ ਹੋ ਸਕਦੇ ਆ..
ਪਰ ਦਿਲ ਤੋਂ ਨਹੀਂ..❤️
ਹਰਸ✍️
१ के कलियों सी मुस्कुराती हो
फूलो सी सरमति हो
और पता नही क्यों
तुम मुझे इस तरह देखकर
यू फिसल जाती हो
२ के तुम्हारी आंखों को देखकर
कयामत आ जाती है
और तुम मेरे दिल में बसी हो इस तरह
के मौत भी दूर भागती है
तेरी आंखों में ये आज शरारत नई है
बदन में मेरे उठी ये हरारत नई है
क्या ये सब मेरे इश्क़ का असर है
या तेरे दिल में ये पल रही चाहत नई है
ये तेरे मस्कारे ये तेरा जुल्फे संवारना
लगता आज किसी पे क़यामत नई है
तेरे बेवफा इशारे खूब समझता हूं
लगता आज मेरे दिल पे शामत नई है