Asi roye vi onni vaar hi haan sajna
jinni vaar tu kise hor na hasseya hai
Asi roye vi onni vaar hi haan sajna
jinni vaar tu kise hor na hasseya hai
खो गई थी धड़कनें जो कहीं
वो वापस ले आया हूं मैं,
थोड़ी ठीक है थोड़ी ज़ख्मी हैं
फिर भी वापस ले आया हूं मैं,
क्या बातें थी याद करो तो दिल बैठ गया,
कदम लड़खड़ाते रहे, वो पल याद आते रहे,
आज बहकते बहकते ही सही,
खुद को वापस ले आया हूं मैं,
हाथ ज़ख्मों पर हैं,
और ज़ख्म धड़कनों पर,
बाजी पलटती रही,
हम धड़कनें लगाते रहे ज़ख्मों पर,
थोड़ी देर और सही,
आज शाम नहीं कल की सवेर सही,
घर तो लौट आया हूं मैं,
देखो खुदको वापस ले आया हूं मैं.....
Vanvaas mein virah ka dard urmila se pucho,
sita se puchoge to dharm hi btayengi
Prem ka arth radha se pucho,
Rukmani se puchoge to adhikar hi btayengi
Sewa ka mtlb shrawan Kumar se pucho,
Hanuman ji se puchoge to anand hi btayenge
Aur zehar ka swaad shiv ji se pucho,
Meera se puchoge to amrit hi btayegi!!
वनवास में विरह का दर्द उर्मिला से पूछो,
सीता से पूछोगे तो धर्म ही बतायेंगी
प्रेम का अर्थ राधा से पूछो,
रुक्मणि से पूछोगे तो अधिकार ही बतायेंगी
सेवा का मतलब श्रवण कुमार से पूछो,
हनुमान जी से पूछोगे तो आनंद ही बताएंगे
और ज़हर का स्वाद शिव जी पूछो,
मीरा से पूछोगे तो अमृत ही बतायेंगी!!