Akhan vich hanju v nahi te dilon asin khush v nahi
kahda hak jamaiye ve sajjna asin hun tere kuchh nahiਅੱਖਾਂ ਵਿੱਚ ਹੰਜੂ ਵੀ ਨਹੀ ਤੇ ਦਿਲੋ ਅਸੀ ਖੁਸ਼ ਵੀ ਨਹੀ
ਕਾਹਦਾ ਹੱਕ ਜਮਾਈਏ ਵੇ ਸੱਜਣਾ ਅਸੀ ਹੁਣ ਤੇਰੇ ਕੁਛ ਵੀ ਨਹੀ
Akhan vich hanju v nahi te dilon asin khush v nahi
kahda hak jamaiye ve sajjna asin hun tere kuchh nahiਅੱਖਾਂ ਵਿੱਚ ਹੰਜੂ ਵੀ ਨਹੀ ਤੇ ਦਿਲੋ ਅਸੀ ਖੁਸ਼ ਵੀ ਨਹੀ
ਕਾਹਦਾ ਹੱਕ ਜਮਾਈਏ ਵੇ ਸੱਜਣਾ ਅਸੀ ਹੁਣ ਤੇਰੇ ਕੁਛ ਵੀ ਨਹੀ

माना मुझे अब जरूरत नहीं तेरी , पर जिंदगी में एक मलाल तो है ।
कबूलनामा भी दे चुके महफिलों में पर , लोगों की निगाहों में कुछ सवाल तो है ।।
सपनों सा लगता एक ख्वाब तो है , मेरा हर अंदाज़ लाजवाब तो है ।
चाहता नहीं मेरी कलम से कोई बेइज्जत हो जाए , वरना मेरे पास भी कुछ लोगों का हिसाब तो है ।।
हाँ मोहब्बत भूल थी मेरी , आज बेबाकी से एक गुनाह कुबूल करता हूँ ।
कुछ काले किस्से हैं बीते हुए लम्हें , अब हर किस्से को मशहूर करता हूँ ।।
जिद्दी है मेरा दिल बड़ा , इसे आज मैं ज़रा मजबूर करता हूँ ।
बहुत हो चुकी मोहब्बत में नाफरमानी , सिर आँखों पर अपना गुरूर करता हूँ ।।